उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थानाक्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव में खाली पड़े एक मकान में ‘‘बिना प्रशासनिक अनुमति’’ के नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले को लेकर यूपी की राजनीति हलचल भी तेज है, अब इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भी प्रतिक्रिया सामने आई है.

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बीजेपी नेता शम्सी आजाद ने कहा कि बरेली में जो घटना हुई, जिसमें बंद मकान में लोगों ने मदरसा बनाया, यह बहुत ही गलत है. इस्लाम कभी भी इसकी इजाजत नहीं देता...इस्लाम उस जमीन और कभी भी नमाज कबूल नहीं करता जिस पर एक इंच भी बेईमानी की गई हो. जब तक जिसकी जमीन है उससे इजाजत न मिले वो भी संविधान और कानून के दायरे में हो. क्योंकि हम जिस देश में रह रहे हैं उसमें सबसे बड़ा संविधान है और जब हमने संविधान का पालन नहीं किया तो हमने अपने मजहब से गद्दारी की. सबसे पहले हमें जिसकी जमीन है उससे इजाजत लेनी चाहिए, फिर नमाज अदा करनी चाहिए. 

इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि खाली पड़े मकान को अस्थायी रूप से मदरसे की तरह इस्तेमाल करके कई हफ्तों से सामूहिक जुमा की नमाज अदा किए जाने की जानकारी शनिवार को सामने आयी थी और सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से 12 लोगों का शनिवार को शांति भंग की धाराओं में चालान किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों को शनिवार को ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उन्होंने बताया कि वहीं, पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है.

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अंशिका वर्मा ने कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की नई धार्मिक गतिविधि या आयोजन करना कानून का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने आमजन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि उक्त खाली मकान हनीफ नामक व्यक्ति का है, जिसे अस्थायी मदरसे के रूप में उपयोग किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने लिखित अनुमति या वैध दस्तावेज मांगे, तो कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका.