उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेताओं ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं होने पर सीएम आवास से यूपी विधानसभा तक 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली. इल पदयात्रा में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे. वहीं बीजेपी की इस पदयात्रा पर अब समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तंज कसा है. सपा चीफ ने कहा कि बीजेपी की पदयात्रा विपक्ष के रूप में प्रैक्टिस है.

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सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि आज सुना है पदयात्रा हो रही थी, इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाया. उन्होंने कहा कि प्रैक्टिस हो रही थी विपक्ष में आने की, पहली सरकार है जिसने सत्ता में रहते हुए विपक्ष का काम किया. अखिलेश यादव ने कहा कि इससे पहले किसी ने अपने ही बनाए हुए कानून के लिए संघर्ष नहीं किया होगा, जितना ये सरकार कर रही है. इतिहास में पहली बार होने जा रहा है, चुनाव में एक समुदाय एक दल को हराने जा रहा है. उस समुदाय का नाम है पीडीए और पीडीए परिवार. 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि हाल में जो ऐतिहासिक लोकतंत्र की जीत हुई उसका सबको धन्यवाद. हम समाजवादी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, पर अगर कोई आरक्षण रोकना चाहता है वो बीजेपी है. ये बीजेपी की बदनीयत की हार है, जो लोग गिनना नहीं जानते, जब जनगणना होगी तो लोग जाति जनगणना की मांग करेंगे.

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पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की कोशिश है कि जनता को गुमराह करे. बीजेपी की सरकार में सरकार के साथ सभी संवैधानिक वर्ग के लोग उनका प्रोपेगेंडा चला रहे हैं. सबको कहूंगा चौकन्ना रहो, हार के डर से कुछ भी कर सकते हैं.

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