Uttarakhand News Today: धामी सरकार ने उत्तराखंड में जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का ऐलान किया है. इसको लेकर सियासी रस्साकशी तेज हो गई है. उत्तराखंड में लागू किए जाने वाले समान नागरिक संहिता (UCC) पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की सुगबुगाहट के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब आप हिंदू मैरेज एक्ट, हिंदू सक्सेशन एक्ट को छोड़ते हैं और इसे आदिवासियों पर लागू नहीं करते, तो इसे समान नागरिक संहिता कैसे कहा जा सकता है?
धामी सरकार पर साधा निशानाअसदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाते हुए कहा कि आप सिर्फ मुसलमानों की शादी, तलाक और संपत्ति के बंटवारे पर रोक लगा रहे हैं. उन्होंने यूसीसी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आप समान नागरिक संहिता की बात करते हैं, लेकिन अगर कोई हिंदू धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म में परिवर्तित होना चाहता है, तो उसे अनुमति लेनी पड़ती है.
धामी सरकार पर निशाना साधते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "वे झूठ बोल रहे हैं. इस देश में अगर कोई काम आप अपने धर्म के कानून के मुताबिक नहीं करना चाहते हैं तो ऐसे लोगों के लिए स्पेशल मैरेज एक्ट, इंडियन सक्शेसन एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट हैं, उनका इस्तेमाल करें."
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "दो साल पहले हिंदू अनडिवाइडेड टैक्स रिबेट के तहत 1700 करोड़ रुपये मिले, ऐसे में यह मुस्लिम और ईसाई समुदाय को क्यों नहीं मिलता है. यह राइट टू ईक्वलिटि के खिलाफ है."
AIMIM प्रमुख के गंभीर आरोपइस मौके पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यह बिल वक्फ को बचाने के लिए नहीं बल्कि वक्फ बर्बाद करने के लिए ला रहे हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड मेंबर में गैर मुस्लिम मेंबर होने को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यूपी में काशी विश्वनाथ बोर्ड है, क्या कोई इसका गैर हिंदू मेंबर बन सकता है?
सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "सरकार कह रही है कि जो मुसलमान पांच साल तक इस्लाम फॉलो करेगा, वही वक्फ बोर्ड को संपत्ति दे सकता है." उन्होंने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि वह पांच साल तक किसी अन्य धर्म को संपत्ति दे सकता है, लेकिन मस्जिद या दरगाह को नहीं दे सकता है.
'CAA की तरह होगा विरोध'मीडिया से बात करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ में कलेक्टर को पॉवर देने पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि वक्फ बाई यूजर खत्म करने की बात हो रही है, ऐसे में यूपी 95 फीसदी वक्फ बाई यूजर संपत्ति का क्या होगा. इसके अलावा लिमिटेशन एक्ट सिर्फ मुस्लिम धर्म के लोगों पर अप्लाई किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि वक्फ प्रॉपर्टी को बचाने की बात कहां हो रही है, जबकि वक्फ फंड को भी 7 फीसदी से 5 फीसदी कर दिया.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मोदी सरकार वक्फ की संपत्तियों को बर्बाद करने और वक्फ की संपत्तियों को लूटने के लिए इस तरह का कानून लाने की कोशिश हो रही है." उनसे जब पूछा गया कि इतनी सारी कमियों के बावजूद अगर वक्फ कानून आ जाता है तो क्या होगा? इस पर AIMIM प्रमुख ने कहा कि CAA के खिलाफ विरोध हुआ था, वैसे ही इसका भी विरोध होगा.
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