आगरा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की सड़कों की हकीकत एक बार फिर उजागर कर दी है. ताजमहल और स्मार्ट सिटी के नाम से पहचान रखने वाला आगरा इन दिनों जगह-जगह धंसी सड़कों और विशाल गड्ढों के कारण चर्चा में है. समाजवादी पार्टी ने खराब सड़कों के विरोध में प्रदर्शन किया और प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
दरअसल, कमला नगर में बारिश के बाद सड़क के बीचोंबीच इतना बड़ा गड्ढा बन गया कि लोगों ने इसे पाताल लोक का रास्ता कहना शुरू कर दिया. कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में सड़क धंसने की घटना हुई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका. करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें पहली ही तेज बारिश में जवाब देती नजर आ रही हैं.
अलीगढ़ में बेकाबू ऑटो ने वैन में बैठ रहे बच्चों को रौंदा, 7 छात्र घायल
बारिश के दिनों में ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं गड्ढे
बता दें कि कमला नगर के बाद ताजगंज क्षेत्र में भी सड़क धंसने से एक कैंटर का पिछला हिस्सा गहरे गड्ढे में समा गया. गनीमत रही कि चालक सुरक्षित रहा और कोई जनहानि नहीं हुई. इन घटनाओं ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते और यही हालात हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं.
समाजवादी पार्टी ने किया अनोखा प्रदर्शन
इन घटनाओं के विरोध में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव नितिन कोहली ने कमला नगर में अनोखा प्रदर्शन किया. उन्होंने सड़क पर बने गहरे गड्ढे में सीढ़ी लगाकर उतरते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि अगर यही हाल रहा तो स्मार्ट सिटी का दावा केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा. उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, सड़कों की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की.
एक ही बारिश में खुली दावों की पोल
फिलहाल, हर बारिश के साथ आगरा में विकास के दावों की पोल खुलती दिखाई देती है. कई प्रमुख मार्ग थोड़ी ही देर की बारिश में जलमग्न हो जाते हैं और पानी के नीचे छिपे गड्ढे लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की सड़कें पहली बारिश भी क्यों नहीं झेल पा रही हैं.
महोबा में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, परिवार बोला- बेटी की हत्या की गई
