उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में थाना क्वार्सी क्षेत्र स्थित संत फिदलिस स्कूल के बाहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. स्कूल की छुट्टी के बाद घर जाने के लिए वैन में बैठ रहे स्कूली बच्चों को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ऑटो ने जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में 7 स्कूली बच्चे और एक स्कूल वैन चालक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और गुस्साए परिजनों व स्थानीय लोगों ने भारी हंगामा किया.
जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे बाहर अपने अभिभावकों का इंतजार कर रहे थे, वहीं कुछ बच्चे अपनी स्कूल वैन में बैठने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान एक तेज गति से आ रहा ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे बच्चों की भीड़ में जा घुसा. टक्कर इतनी भयानक थी कि बच्चे दूर जाकर गिरे. मौके पर तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर घायल बच्चों को संभाला और उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (डीडीयू) में भर्ती कराया. डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश बच्चों को हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है.
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पुलिस की देरी पर फूटा परिजनों का गुस्सा
हादसे की सूचना मिलते ही बदहवास अभिभावक अस्पताल और स्कूल परिसर पहुंच गए. अपने बच्चों को खून से लथपथ देखकर परिजन भावुक हो गए. अभिभावक प्रदीप कुमार और अन्य स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची. लोगों ने आरोप लगाया कि घटनास्थल के पास मौजूद एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने भी समय रहते उच्च अधिकारियों को सूचना देने में घोर लापरवाही बरती. पुलिस की इस कार्यप्रणाली से नाराज लोगों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया.
भीड़ ने भाग रहे ऑटो चालक को दबोचा
हादसे के तुरंत बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी ऑटो चालक को स्थानीय लोगों ने घेरकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने ऑटो को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है.
उठी सख्त ट्रैफिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों के आसपास तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही हमेशा से चिंता का विषय रही है. कई बार प्रशासन से स्पीड ब्रेकर बनवाने और छुट्टी के समय ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की गई, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया. परिजनों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्कूलों के बाहर स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में ऐसे मासूमों की जान जोखिम में न पड़े.
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