यूपी में अभी बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ़ छांगुर के धर्म परिवर्तन के रैकेट को अभी एजेंसियां तोड़ भी नहीं पायीं थीं कि उससे भी चौंकाने वाला मामला आगरा से आया है. जी हां आगरा में दो बहनों की गुमशुदगी की जांच ने एक संगठित धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया है, जो ISIS की तर्ज पर काम कर रहा था.
पुलिस ने छह राज्यों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें गोवा की आयशा उर्फ एस.बी. कृष्णा, कोलकाता के अली हसन उर्फ शेखर रॉय, और आगरा के यूट्यूबर रहमान कुरैशी शामिल हैं. यह गिरोह नाबालिग लड़कियों को प्रलोभन और प्रेम जाल के जरिए रैडिकलाइज कर धर्मांतरण कराता था.
दरअसल पुलिस को एक बहन जोया के सोशल मीडिया अकाउंट से एके-47 के साथ तस्वीर मिली, जो मुजाहिद बनने की उसकी मंशा को दर्शाती थी. इलेक्ट्रॉनिक चैट के आधार पर पूछताछ में जोया ने कई खुलासे किए. आगरा के रहमान कुरैशी, जो ‘The Sunnah’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है. उसने जोया को अपने धार्मिक वीडियो के जाल में फंसाया. रहमान के चैनल पर 1.6 लाख फॉलोअर्स हैं, और वह धर्मांतरण करने वालों के वीडियो अपलोड कर प्रचार करता था.
छह राज्यों में फैला नेटवर्कआगरा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में मार्च 2025 में दर्ज गुमशुदगी की शिकायत के बाद साइबर थाने की जांच में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ. गिरोह का कामकाज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और गोवा में फैला था. डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नेटवर्क के तार PFI, SDPI और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं.
विदेशी फंडिंग और आईएसआईएस की तर्ज पर काम
पुलिस को कनाडा, अमेरिका, यूएई और दुबई से फंडिंग के सबूत मिले हैं. गोवा की आयशा फंडिंग को भारत में चैनलाइज करती थी, जबकि कोलकाता का अली हसन कानूनी सलाह और फर्जी दस्तावेज तैयार करता था. गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे, जैसे सैफ हाउस प्रदान करना, नए सिम और फोन देना, और रैडिकलाइजेशन.
गिरफ्तार आरोपियों की सूचीपुलिस ने आयशा, अली हसन, ओसामा, रहमान कुरैशी, अब्बू तालिब, अबुर रहमान, मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा उर्फ मनोज, और मोहम्मद अली को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने सभी को 10 दिन की रिमांड पर भेजा है. पुलिस अब एजेंसियों की मदद से विदेशी फंडिंग और आतंकी कनेक्शन की जांच कर रही है.
