आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में आगरा न्यायालय ने कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने इस जघन्य अपराध के लिए पति गौरव, ससुर मदन सिंह और देवर अभिषेक को फांसी की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया.
दरअसल, मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब दिनदहाड़े विवाहिता पूजा और उसके मौसेरे भाई शिवम की निर्मम हत्या कर दी गई थी. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, सीसीटीवी में कैद हुई घटना में शिवम पर फरसे से 22 वार किए गए थे, पुलिस ने शिवम का शव गली और मृतिका पूजा का शव घर के दरवाजे से बरामद किया था.जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.
अवैध संबंध के शक के चलते की थी हत्या
अभियोजन के अनुसार, आरोपियों को पूजा और उसके मौसेरे भाई शिवम के बीच अवैध संबंध होने का संदेह था. इसी शक के चलते पति गौरव ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर दोनों को गलियों में दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर उनकी हत्या कर दी.
यह पूरी वारदात बेहद नृशंस तरीके से अंजाम दी गई, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया था. मृतका की मां इंद्रा देवी की तहरीर पर थाना एतमाद्दौला में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
साल तक चली सुनवाई के बाद मिला इंसाफ
विवेचना के दौरान पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और चश्मदीद गवाहों के बयान के आधार पर मजबूत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की. करीब 4 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद एडीजे-26 की अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों को परखते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें मृत्यु दंड की सजा सुनाई. हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में आरोपी सास को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया.
