श्रीनगर: कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन में जहां एक तरफ लोग परेशान हैं वहीं इस मुश्किल समय में ऐसे भी लोग हैं जो कुछ नया करने से नहीं चूक रहे. श्रीनगर में एक एमटेक की छात्रा ने लोगों की सेहत का ध्यान रखते हुए ऐसा बिस्कुट और बेकरी प्रोडक्ट तैयार किया है जो खाने वालों के लिए इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर काम करता है.


श्रीनगर की रहने वाली 26 साल की अस्मा मोहिउदीन नाम की छात्रा का परिवार श्रीनगर में ही एक बेकरी चलाता है. Hilo Makhbaz नाम की उनकी बेकरी में आमतौर पर ऐसा बेकरी का सामान बनता आया है जो किसी भी बेकरी में मिल जाता है. लेकिन अस्मा अपनी पढ़ाई का प्रयोग कर कुछ नया करना चाहती थीं.


दक्षिण कश्मीर स्थित इस्लामिक यूनिवर्सिटी से फूड टेक्नोलॉजी में बी-टेक की पढ़ाई और उसके बाद कश्मीर यूनिवर्सिटी से एमएससी फूड टेक्नोलॉजी कर चुकीं अस्मा के मन में ख़याल आया कि कोरोना काल में जहां लोगों को अच्छा और सेहतमंद खाना खाने और रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाने की सलाह दी जाती है तो क्यों न बेकरी में बनने वाले सामान को उसी तरह से तैयार किया जाए.


अस्मा ने अपनी बेकरी में बनने वाले केक और बिस्कुट में विभिन्न प्रकार के मसाले, हर्ब और बीज का इस्तेमाल करना शुरू किया जिनके बारे में पहले से यह बात पता है कि इनके सेवन से रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.


इसको लेकर अस्मा ने अपनी बेकरी में बने बिस्कुट, केक और बाकी सामान को दिल्ली स्थित एक फ़ूड टेस्टिंग लैब में गुणवक्ता की जांच के लिए भेजा और यहां से जो रिपोर्ट उनको मिली वह हौसला बढ़ाने वाली थी.


लैब ने अस्मा की बेकरी में बने बिस्कुट को इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर प्रमाणित किया और कहा कि इन में Vitamin A, Vitamin E, B 6, Omega 3, Omega 6 जैसे तत्व हैं. इसी रिपोर्ट के आधार पर अस्मा मार्केट में इम्युनिटी बूस्टर बेकरी का सामान लेकर आई हैं.


अस्मा के पिता गुलाम मोहिउद्दीन के अनुसार उनकी बेकरी में बहुत सालों से वही सामान बनता आया है जिसकी मांग लोगों ने की है. इस साल ईद के मौके पर लॉकडाउन के चलते पहले से ही न के बराबर काम था लेकिन अस्मा की कोशिश से वह काफी खुश हैं और फिलहाल अस्मा की रेसिपी पर बने सामान की भी बिक्री करेंगे और होम डिलीवरी भी करेंगे.


अस्मा के इस प्रोडक्ट को जम्मू कश्मीर के फ़ूड कंट्रोल विभाग से भी मान्यता मिल गयी है और आने वाले दिनों में बड़ी मात्र में यह बिस्कुट मार्केट में आ सकते हैं. कोरोना के चलते एक और लॉकडाउन की वजह से शायद लोगों तक पहुंचने में कुछ दिक्कत आए लेकिन अस्मा के जोश में कोई कमी नहीं है.


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