Padma Shri Award 2025: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्मश्री अवार्ड पाने वालों के नाम का ऐलान कर दिया है. इस अवार्ड से सम्मानित होने वालों में कई नामी तो कई गुमनाम शख्सियतों का नाम शामिल है. इन्हीं में से एक हैं राजस्थान के जयपुर की बतूल बेगम. बतूल को केंद्र सरकार की तरफ से पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित होने वालों में शामिल हैं.

मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाली बतूल बेगम लंबे समय से भगवान राम और गणपति के भजन गाती आ रही हैं. लोकगायिका भजन के साथ-साथ मुस्लिम मांद भी गाती हैं. देश-विदेश में उनके कार्यक्रम होते रहते हैं. बड़े-बड़े विदेशी मंचों पर उन्होंने भारत की शान बढ़ाई है. बतूल बेगम के अलावा गोवा के 100 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी, पश्चिम बंगाल की एक ढाक वादक, जिन्होंने पुरुष प्रधान क्षेत्र में 150 महिलाओं को प्रशिक्षित किया और भारत की पहली महिला कठपुतली कलाकार उन 30 गुमनाम नायकों में शामिल हैं, जिन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया है.

कौन हैं बेगम बतूल?जयपुर निवासी बेगम बतूल फॉक म्यूजिक गायक है. मांड और भजन गाती हैं. जिस लिए इन्हें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है. बेहतरीन ढोल और तबला वादक हैं. इन्हे साल 2021 में नारी शक्ति का अवार्ड मिल चुका है. बेगम बतूल राजस्थानी संगीत में बड़ा नाम हैं. इनका कार्यक्रम सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में होता रहता है. बेगम बतूल मूलत: नागौर जिले की रहने वाली हैं. आठ साल की उम्र से भजन और गीत गा रही हैं. 72 साल की उम्र में इन्हे पद्मश्री अवार्ड के लिए नामित किया गया है.

फ्रांस में दिया है परफॉर्मेंसबेगम बतूल दो साल पहले फ्रांस में अपना प्रदर्शन दिया था. नमस्ते फ्रांस कार्यक्रम में उस्ताद अमजद अली खान, एल.के. सुब्रह्मण्यम, ग्रैमी अवॉर्ड विजेता रिकी केज सहित कई बड़े कलाकार के साथ बेगम बतूल ने परफॉर्मेंस दिया था. जिसके बाद से उनकी चर्चा पूरी दुनिया में ही रही थी. 'केसरिया बालम आओ सा, पधारो महारे देश' इस संगीत को बेहतर गाती हैं. बेगम बतूल दुनिया के 25 देशों की कर चुकी है. बेगम ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कक्षा एक से पांच क्लास तक पढ़ाई की है. धीरे धीरे गाने की तरफ गई. उन्होंने बताया था कि उनके दादा और चाचा पढ़ाई करने नहीं देने जा रहे थे. जिस लिए पढ़ाई नहीं कर पाई थी.

मंदिर में जाने पर रोकते थे लोगबतूल बताती हैं कि मेरा मन तो भजन में लग गया था. इसलिए मैं भजन गाती रही. लेकिन, लोग कहते थे कि मंदिर क्यों जाती हो ? लेकिन हमने कुछ नहीं सुना और भजन गाती रही हैं.

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