राजस्थान के बारां-झालावाड़ क्षेत्र में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा का चौथा चरण आज (9 अप्रैल) शुरू हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत बालाजी धाम में पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे. माहौल पूरी तरह चुनावी और उत्साह से भरा दिखा.

कार्यकर्ताओं के साथ हनुमान चालीसा का पाठ

कार्यक्रम से पहले दुष्यंत सिंह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. इसके साथ ही क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए करीब 126 करोड़ रुपये की लागत से 10 सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया. इन योजनाओं से किसानों को सीधा फायदा मिलने की बात कही जा रही है.

कार्यक्रम के दौरान वसुंधरा राजे का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. उन्होंने कहा, “लोग मुझसे कहते हैं कि मेरा काम नहीं हुआ, करवाओ… लेकिन भैया, मैं अब नहीं लड़ सकती. जब मेरा ही चला गया और मैं नहीं बचा सकी.”

उनका यह बयान कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया. इससे पहले भी राजे कई बार सार्वजनिक मंचों से कार्यकर्ताओं के काम न होने की बात कह चुकी हैं.

हाल ही में भी वसुंधरा राजे ने बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलने की बात उठाई थी. ऐसे में उनका यह ताजा बयान पार्टी के अंदरूनी हालात की ओर इशारा करता माना जा रहा है.

'मतदाताओं से परिवार जैसा रिश्ता'

राजे ने अपने संबोधन में कहा कि उनका और मतदाताओं का रिश्ता परिवार जैसा है. उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों में झालावाड़ के विकास के लिए लगातार काम किया गया है. वहीं, विधायक गोविंद रानीपुरिया ने अपने समर्थकों के साथ राजे और दुष्यंत सिंह का 51 किलो का हार पहनाकर स्वागत किया.

दुष्यंत सिंह की यह जनसंवाद यात्रा लोगों की समस्याएं जानने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है. पार्टी को उम्मीद है कि इससे जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा.