राजस्थान के उदयपुर में जून 2022 में हुई कन्हैयालाल की निर्मम हत्या पर आधारित बहुचर्चित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ आखिरकार देशभर के करीब 4500 सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. फिल्म लंबे समय तक विवादों और कानूनी अड़चनों के बीच सेंसर बोर्ड से हरी झंडी के इंतजार फंसी रही.

फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ में उस भयानक घटना को दिखाया गया है, जब कन्हैयालाल टेलर को नृशंस तरीके से मारा गया था. यह सच्ची घटना देश के लिए एक बड़ा सदमा थी और फिल्म उसी हकीकत को बखूबी दर्शकों के सामने रखती है. फिल्म के जरिए आतंकवाद की जड़ों और उसकी भयावहता को समझने का मौका मिलता है.

बेटे यश साहू ने कहा- जरूर देंखे फिल्म

फिल्म रिलीज के मौके पर कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं. उन्होंने कहा, 'मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस फिल्म को देखें और जानें कि मेरे पिता के साथ 28 जून को क्या हुआ और कैसे देश में आतंकवाद की जड़ें काम कर रही हैं. यह किसी धर्म का विरोध नहीं करता और किसी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं करता.'

उन्होंने आगे कहा कि 'बहुत से लोग जो स्क्रीनिंग में आए, उन्होंने फिल्म का समर्थन किया. मेरी मां यह फिल्म नहीं देख पाएंगी, लेकिन थिएटर में मेरे पिता की आत्मा के लिए एक सीट आरक्षित रखी जाएगी और उनकी फोटो वहां लगाई जाएगी. हिंदू संगठनों ने बहुत समर्थन दिया और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इसके रिलीज़ में हमारी मदद की.'

कई विवादों के बाद मिली मंजूरी

फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने में काफी समय लग गया. इसके पीछे मुख्य वजह थी फिल्म की संवेदनशीलता और विवादास्पद विषय. लेकिन अब जब यह मंजूर हो चुकी है, तो देश के लोग इस सच्ची घटना को जान सकेंगे. उदयपुर फाइल्स ने कई बार कानूनी जटिलताओं का सामना किया, लेकिन निर्माताओं ने हार नहीं मानी और इसे बड़े पर्दे पर लाने में सफलता हासिल की.

निर्माताओं ने कहा, ‘उदयपुर फाइल्स’ के रिलीज के बाद उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म को देखेंगे और उस दर्दनाक सच्चाई से रूबरू होंगे, जो कन्हैयालाल और उनके परिवार ने झेली.