Udaipur Files Controversy: राजस्थान के चर्चित कन्हैया लाल टेलर मर्डर केस पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज को लेकर छिड़ा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम संगठन लगातार इस फिल्म पर पाबंदी लगाए जाने की मांग कर रहे हैं.
जमीयत उलेमा ए हिंद के बाद अब जमाअत ए इस्लामी ने भी फिल्म पर पाबंदी लगाए जाने की मांग की है. जमाअत ए इस्लामी हिंद ने इस मामले में राष्ट्रपति से दखल दिए जाने की गुहार लगाई है. संगठन ने गवर्नर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का भी ऐलान किया है.
राजस्थान हाईकोर्ट में PIL भी दाखिल की जाएगी
इसके अलावा राजस्थान हाईकोर्ट में PIL भी दाखिल की जाएगी. संगठन की तरफ से एक-दो दिन में PIL दाखिल कर दी जाएगी. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद नाजिम का कहना है कि फिल्म अगर रिलीज हुई तो उससे देश का सांप्रदायिक माहौल बिगड़ेगा.
फिल्म में इस्लाम धर्म को टारगेट कर उसे बदनाम करने की कोशिश की गई है. फिल्म के पीछे सस्ती लोकप्रियता और सियासी साजिश है. देश में नफरत फैलाने वाली पार्टी इस फिल्म को प्रमोट करना चाह रही है.
फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होनी है
मोहम्मद नाजिम के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद इसी वजह से फिल्म के समर्थन में आ गया है. जमाअत के मीडिया प्रभारी मोहम्मद नासिर का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से फिल्म का विरोध करेंगे. फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे.
संगठन ने सेंसर बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट जारी होने पर अपनी आपत्ति जताई है. गौरतलब है कि जमाअत ए इस्लामी हिंद से पहले जमीयत उलेमा ए हिंद उदयपुर फाइल्स फिल्म पर पाबंदी लगाए जाने की मांग को लेकर देश के 3 राज्यों के हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर चुका है.
कई दूसरे मुस्लिम संगठन भी फिल्म का विरोध कर रहे हैं. फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होनी है.