जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को अस्पताल ले जाए जाने के दौरान थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी, जिसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. सोनम वांगचुक को लेकर प्रतिक्रियाओं का बाजार गर्म हो गया है. मामले पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी नाराजगी जाहिर की है.

Continues below advertisement

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "यह सरकार की पूरी तरह से गलत नीति है. सोनम वांगचुक लगभग 20 दिनों से उपवास कर रहे हैं, युवाओं के भविष्य और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं. फिर भी, सरकार ने न तो कोई बातचीत की, न ही कोई चर्चा शुरू की और न ही इस मामले को स्वीकार किया. 

सोनम वांगचुक का जिक्र कर सचिन पायलट बोले, 'राहुल गांधी और हमारी पार्टी का मानना है कि...'

Continues below advertisement

सरकार भारी दबाव में है- सचिन पायलट

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, अब, बढ़ते राष्ट्रीय प्रभाव और बढ़ते जन दबाव को देखते हुए, वे जवाबदेही से बचने के लिए उन्हें जबरन अस्पताल ले जा रहे हैं. अगर सरकार ने बातचीत शुरू की होती और उनकी मांगें मान ली होतीं तो यह कहीं बेहतर होता. उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार भारी दबाव में है. असंतोष चरम पर है, और उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना जन आक्रोश को कम करने के बजाय और भड़काएगा.

वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके. 

प्रदर्शन स्थल पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग

प्रदर्शनकारियों और आम लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं तथा प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप सोनम वांगचुक को जरूरी देखरेख और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

जोधपुर: जेल में सजेगा मंडप... सात जन्मों के बंधन में बंधेंगे 2 हत्या के सजायाफ्ता कैदी