राजस्थान के अजमेर में एक नई कार शोरूम से निकलने के कुछ ही देर बाद ही अचानक आग की चपेट में आ गई. घटना ने नई गाड़ियों की सुरक्षा और क्वालिटी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. गनीमत रही कि समय रहते कार में सवार डॉक्टर ने अपनी मां को बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉक्टर कुशल गोयल ने परिवार के सांग कार खरीदी और उसे लेकर शोरूम से निकले ही थे कि बोनट से धुआं उठने लगा. डॉक्टर कुशल गोयल सूझबूझ दिखाई और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था.
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क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर कुशल गोयल ने शु्क्रवार (17 जुलाई) एक कार खरीदी. डॉक्टर गोयल कार खरीदकर परिवार के कुछ सदस्यों के साथ वापस घर जा रहे थे. कार से कुछ दूर जाने के बाद ही उसमें से पहले धुआं निकलने लगा और फिर अचानक आग लग गई. आग लगने पर उन्होंने कार को सड़क पर रोक दिया और उसमें सवार परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला.
कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. हालांकि, तब तक कार बुरी तरह जल चुकी थी.
वीडियो सामने आने के बाद उठ रहे सवाल
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार जलती हुई दिखाई दे रही है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. आज कल नई गाड़ियों में वायरिंग की खराबी, ढीले कनेक्शन या बैटरी की खराबी से स्पार्किंग होने पर आग की घटना होने की पूरी संभावना है. हालांकि, अब सवाल यह है कि शोरूम से निकली नई गाड़ी में इतनी बड़ी खराबी कैसे आ गई? क्या वाहन की ठीक से जांच नहीं हुई थी? इस मामले में अगर मैन्युफैक्चरिंग में खामी है तो इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
