राजस्थान सरकार भले ही अवैध खनन पर सख्ती के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है. सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा तहसील अंतर्गत स्वरूपगंज क्षेत्र में एनएच-27 के पास सरगामाता मंदिर के पीछे बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है.

Continues below advertisement

खनिज विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बिना किसी वैध अनुमति के साधारण मिट्टी का खनन कर उसे पास ही स्थित फैक्ट्री परिसर में उपयोग किया गया. जांच के बाद खनिज विभाग ने एनएनबी पेपर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

खनिज विभाग के अभियंता चंदन कुमार के अनुसार 11 दिसंबर 2025 को विभागीय तकनीकी कर्मचारी ने ग्राम उड़वारिया, भीमाणा तहसील पिण्डवाड़ा में निरीक्षण किया.

Continues below advertisement

निरीक्षण के दौरान रेलवे लाइन के पास सरगामाता मंदिर के पीछे दो अलग-अलग स्थानों पर पोकलेन मशीनों से मिट्टी खनन होता पाया गया. मौके पर लंबे समय से खुदाई के निशान, गहरे गड्ढे और भारी मशीनरी के उपयोग के प्रमाण मिले.

2023.8 मीट्रिक टन अवैध खनन की पुष्टि

जांच में पहले खनन पिट से 1419.0 मीट्रिक टन और दूसरे पिट से 604.8 मीट्रिक टन साधारण मिट्टी के अवैध खनन की पुष्टि हुई. इस तरह कुल 2023.8 मीट्रिक टन मिट्टी का अवैध खनन और निर्गमन पाया गया. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार यह पूरा कार्य बिना किसी अनुमति और स्वीकृति के किया गया.

फैक्ट्री निर्माण में हुआ उपयोग

पूछताछ और निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी को पास के गांव उड़वारिया में स्थित एनएनबी पेपर प्रोजेक्ट प्रा. लि. की निर्माणाधीन फैक्ट्री में भवन भराई और लेवलिंग के लिए इस्तेमाल किया गया. तकनीकी कर्मचारी ने फैक्ट्री परिसर में जाकर देखा तो खनन स्थलों से लाई गई मिट्टी का प्रत्यक्ष उपयोग निर्माण कार्य में होता मिला.

खनिज विभाग के अनुसार यह पूरा मामला माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 और राजस्थान माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स, 2017 का सीधा उल्लंघन है.

विभाग ने कंपनी को 15 दिन के भीतर दस्तावेजों सहित अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए जुर्माना और वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

कंपनी के मालिकाना हक पर उठे सवाल

मामला तब और गंभीर हो गया जब कंपनी के स्वामित्व और प्रबंधन से जुड़े नाम सामने आए. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार इसके संस्थापक बाबूलाल बंसल हैं, जबकि नेतृत्वकर्ता के रूप में पिण्डवाड़ा प्रधान और सिरोही भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नितिन बंसल का नाम दर्ज है. राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति की फैक्ट्री में अवैध खनन की पुष्टि होने से सवाल खड़े हो रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रभावशाली लोग नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन करेंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा. सरकार के गुड गवर्नेंस के दावों पर भी इस मामले ने प्रश्नचिह्न लगा दिया है.

फिलहाल नोटिस जारी होने के बाद पूरे प्रकरण पर जनता और प्रशासन की नजरें टिकी हैं. अब देखना यह होगा कि खनिज विभाग निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करता है या मामला राजनीतिक दबाव में ठंडे बस्ते में चला जाता है.