जोधपुर बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में सोमवार (18 मई) को सलमान खान सहित बॉलीवुड की कई चर्चित हस्तियों के भविष्य पर अहम कानूनी सुनवाई होने जा रही है. करीब 28 साल पुराने इस मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट में होगी, जहां अभिनेता सलमान खान की सजा के खिलाफ दायर अपील और सह-अभियुक्त कलाकारों को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर एक साथ विचार किया जाएगा. इस हाई-प्रोफाइल केस पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं.
दरअसल, वर्ष 1998 में फिल्म हम साथ-साथ है कि शूटिंग जोधपुर के लूणी सहित आसपास ग्रामीण इलाकों में चल रही थी. आरोप है कि फिल्मी सितारों ने इसी दौरान कांकाणी गांव में काले हिरणों का शिकार किया गया. इस मामले में सलमान खान सैफअली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और अन्य स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को आरोपी बनाया गया था.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, लंबी सुनवाई के बाद जोधपुर की निचली अदालत ने 5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी, जबकि अन्य सह-अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था. सजा के बाद सलमान खान ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की और उन्हें जमानत मिल गई. बाद में यह अपील राजस्थान हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई. इसी बीच राज्य सरकार ने अन्य कलाकारों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में ‘लीव टू अपील’ दायर की. अब हाईकोर्ट में सभी संबंधित अपीलों पर एक साथ सुनवाई होगी. सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने पहले ही सभी मामलों की संयुक्त सुनवाई का आग्रह किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था.
ये भी पढ़िए- Rajasthan News: जालोर के कारोबारी को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी, मांगी 2 करोड़ की रंगदारी, पुणे मॉल पर भी फायरिंग
बरी कलाकारों की फिर बढ़ सकती है मुश्किलें
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू आर्म्स एक्ट से जुड़ा है. सलमान खान के खिलाफ वर्ष 1998 में लूणी थाने में अवैध हथियार रखने का मामला भी दर्ज हुआ था. इस मामले से जुड़ी अपील भी वर्ष 2022 में हाईकोर्ट में ट्रांसफर की गई थी. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 18 मई सोमवार की सुनवाई इस बहुचर्चित मामले में बड़ा मोड़ ला सकती है. यदि हाईकोर्ट राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर लेता है तो पहले से बरी किए गए कलाकारों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं. वहीं सलमान खान की अपील पर आने वाला फैसला भी उनके कानूनी भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
ये भी पढ़िए- राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव पर सियासत तेज, मंत्री बोले- OBC आरक्षण बिना कांग्रेस हां करे तो चुनाव को तैयार
