कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव सचिन पायलट ने नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के देशव्यापी आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं. पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है.

Continues below advertisement

दौसा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है. सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुननी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों को न्याय मिले.

NEET पेपर लीक पर राजस्थान में कांग्रेस का प्रदर्शन, धरने पर अशोक गहलोत, बोले- 'सरकार की चुप्पी...'

Continues below advertisement

राहुल गांधी की हिरासत पर उठाए सवाल

पायलट ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ये सभी जनप्रतिनिधि शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन उनके साथ किया गया व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है.

'विदेशी साजिश' वाले आरोप को बताया निराधार

कांग्रेस नेता ने छात्रों के आंदोलन को विदेशी साजिश बताने के आरोपों को "बेहद घटिया" करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर बहस होनी चाहिए और उसका सार्थक परिणाम भी निकलना चाहिए.

सरकार पर लगाए कई आरोप

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और कोचिंग माफिया के बढ़ते प्रभाव से युवाओं का भरोसा टूट रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं, किसानों और गरीबों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों और विपक्ष की मांगों पर जवाब देने की अपील की.

वरमाला की रस्म, अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे... जोधपुर की जेल में गूंजी शहनाई