एआईसीसी के महासचिव सचिन पायलट बुधवार को अपने पिता दिवंगत राजेश पायलट की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करौली जिले के हिंडौन सिटी पहुंचे. प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित किसान सभा में सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन में कोई भेद नहीं है.

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इस दौरान उन्होंने राजनीति में मूल्यों और सम्मान की बात करते हुए कहा कि अगर कोई नेता सिर्फ़ इनाम या पद पाने के लिए राजनीति कर रहा है तो वह खुश नहीं रहेगा, जबकि कुछ नेता राजनीति में 'एडवांस बुकिंग' चाहते हैं.

पायलट ने कहा, "मैं राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे का पालन करता हूं. जिन राजनीतिक नेताओं के साथ मैंने काम किया है, मैं उनका सम्मान करता हूं. हमारे बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मन में कोई भेद नहीं है."

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सचिन पायलट ने कहा कि समय बदल गया है, लेकिन राजनीति में नैतिकता आज भी बनी हुई है. उन्होंने कहा कि लोग उन नेताओं को पसंद करेंगे जो सच्चाई के लिए काम करते हैं. राजनीति करने वाले नेताओं को हमेशा लोगों के बीच रहना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए, ताकि लोग उन्हें लंबे समय तक याद रखें.

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो दूसरे नेताओं का अनादर करते हैं. पायलट ने कहा कि राजनीति में सम्मान और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है.

बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

किसान सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल हैं. पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सिर्फ धार्मिक राजनीति कर रही है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है. पायलट ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में मनरेगा लगभग खत्म हो गया है और इसके तहत लोगों को काम नहीं मिल रहा है.

केंद्र सरकार को भी घेरा

सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को केंद्र सरकार पूरा करने में विफल रही है. खाद, बीज और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

उन्होंने कहा कि जब किसान अपनी फसल बेचने जाते हैं तो सरकार उनकी बात सुनने से इनकार कर देती है. साथ ही किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा पाने के लिए बीमा कंपनियों से संघर्ष करना पड़ रहा है.

अपने संबोधन के दौरान सचिन पायलट ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद अपनी पार्टी को मजबूत बनाना और लोगों के लिए काम करना होना चाहिए.

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पायलट ने कहा कि आज युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. सरकार ने एयरपोर्ट और गोदाम जैसे कई सरकारी संस्थान बेच दिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरक्षण को खत्म करना चाहती थी, जिसे डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में दिया था. वहीं, NEET पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.