सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई ऑनलाइन ई-चालान व्यवस्था अब अपनी तकनीकी खामियों के कारण सवालों के घेरे में है. राजस्थान के कोटा शहर से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक पुलिस के ऑटोमेटेड सिस्टम की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है. यहाँ एक थ्री-व्हीलर पैसेंजर ऑटो का 'बिना हेलमेट' वाहन चलाने के आरोप में 1000 रुपये का चालान काट दिया गया.

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7 महीने बाद खुला ऑनलाइन चालान का राज

कोटा के एक ऑटो चालक को तब तगड़ा झटका लगा, जब उसे पता चला कि उसके वाहन पर आज से करीब 7 महीने पहले यानी 1 फरवरी 2026 को ही 1000 रुपये का ऑनलाइन जुर्माना ठोक दिया गया था. हैरान करने वाली बात यह है कि इस चालान की सूचना वाहन मालिक को समय पर नहीं दी गई, बल्कि महीनों बीत जाने के बाद अब जाकर उसे इस कार्रवाई का पता चला है.

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ऑटो और हेलमेट का अजीब कनेक्शन?

चालान की कॉपी देखने के बाद वाहन मालिक के होश उड़ गए. विभाग की ओर से ऑनलाइन चालान में अपराध की श्रेणी "बिना हेलमेट वाहन चलाना" दर्ज की गई है. जबकि संबंधित वाहन एक थ्री-व्हीलर पैसेंजर ऑटो (रजिस्ट्रेशन नंबर: RJ20PA7529) है. नियमों के मुताबिक, ऑटो चालकों पर हेलमेट पहनने का नियम लागू ही नहीं होता. ऐसे में बिना किसी मानवीय जांच के सीधे कंप्यूटर सिस्टम द्वारा जारी इस चालान ने हर किसी को हैरान कर दिया है.

परेशान वाहन स्वामी दर्ज कराएगा आपत्ति

महीनों बाद इस गलत चालान की जानकारी मिलने से परेशान वाहन मालिक अब इस मामले के खिलाफ विभाग में अपनी आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. पीड़ित का सवाल है कि यदि चालान फरवरी में ही काटा गया था, तो इसकी तुरंत सूचना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर क्यों नहीं भेजी गई? इतने महीनों बाद पता चलने पर अब जुर्माना भरने या इसे रद्द कराने की प्रक्रिया आम जनता के लिए सिरदर्द बन जाती है.

यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आने के बाद लोग मांग कर रहे हैं कि ट्रैफिक विभाग को अपने ई-चालान सिस्टम की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि तकनीकी गलतियों (Technical Errors) का खामियाजा निर्दोष और गरीब वाहन चालकों को न भुगतना पड़े.

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