राजस्थान में बाड़मेर जनपद की शिव विधानसभा से निर्दलीय  विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के मुस्लिम समाज को लेकर दिए गए बयान ने राज्य में नया सियासी तूफ़ान खड़ा कर दिया है. भाटी ने कहा, “मुझे अल्पसंख्यकों ने वोट नहीं दिया लेकिन फिर भी उनकी बात करता हूं.” भाटी के इस बयान से ख़ास तौर पर मुस्लिम समुदाय ने नाराज़गी ज़ाहिर की है.

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वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में रविंद्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और त्रिकोणीय संघर्ष के बीच 3950 वोटों से चुनाव जीते. अल्पसंख्यक समाज को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद शिव विधानसभा के मुस्लिम समाज ने नाराज़गी ज़ाहिर की है उनका आरोप है कि अल्पसंख्यक समाज के दर्जनों गांवों ने निर्दलीय रवीन्द्र सिंह पार्टी को वोट दिया यदि अल्पसंख्यक समाज वोट नहीं करता तो भाटी विधानसभा नहीं पहुंचते और उसके बावजूद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन में उनका मज़ाक बना दिया.

कांग्रेस नेता ने भी उठाए सवाल

वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस नेता फ़तेह ख़ान ने आरोप लगाया कि सदन में मुस्लिम समाज का रविंद्र सिंह भाटी ने उपहास किया है. उन्होंने कहा कि रविंद्र सिंह भाटी RSS और BJP की गोद में पले बढ़े हैं. वे इस तरह के बयान देकर BJP में एंट्री करने का प्रयास कर रहे हैं. उनके इस बयान के बाद मुस्लिम वोटर ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहा है.

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रविन्द्र सिंह भाटी ने रखा अपना पक्ष

मामले के तूल पकड़ने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ABP से बातचीत में कहा कि उनके लिए शिव विधानसभा का हर एक व्यक्ति उनके परिवार का सदस्य है, अल्पसंख्यक समाज ने वोट नहीं दिया इसका दुख भी है.

3950 वोटों से जीते थे भाटी

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में रविंद्र सिंह भाटी महज 3950 वोटों से चुनाव जीते, जबकि इस विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में है. ऐसे में बिना मुस्लिम समुदाय के वोटों के भाटी की जीत? मुस्लिम वोटर्स को चुनौती देने जैसा है. जबकि आंकड़ों की मानें तो 90% से ऊपर मुस्लिम मतदाताओं वाले गांव से क़रीब 3500 वोट भाटी को मिले हैं. अब ऐसे में मुस्लिम समाज को लेकर ये बयान उनके सियासी सफ़र में अड़चन पैदा कर सकता है.