राजस्थान के कुछ हिस्सों में मंगलवार सुबह तक बीते 24 घंटों में भारी बारिश हुई तथा दौसा जिले के मंडावर में सर्वाधिक 107 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटे में दौसा, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, कोटा और सिरोही जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हुई.

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जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र बना हुआ है. उन्होंने बताया कि मंगलवार को भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभागों के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि भरतपुर संभाग के अलग-अलग इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है. शर्मा ने कहा कि पांच अगस्त को राज्य के उत्तर-पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

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6-7 अगस्त को बन रहा नया चक्रवात 

मौसम विभाग के अनुसार छह-सात अगस्त को पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण तंत्र बनने की संभावना है, जिससे मानसून फिर सक्रिय होगा और राज्यभर में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी. विभाग का कहना है कि सात से 10 अगस्त तक भरतपुर, कोटा, जयपुर और अजमेर संभागों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है.

विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों तक जोधपुर और बीकानेर संभागों के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, लेकिन सात एवं नौ अगस्त के बीच इनमें फिर तेजी आने के आसार हैं.

1 जून से 3 अगस्त तक 204.64 मिमी बारिश रिकॉर्ड 

इस बीच, राजस्थान में एक जून से तीन अगस्त तक 204.64 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 227.24 मिमी है. इस प्रकार राज्य में 9.94 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जो भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की सामान्य वर्षा श्रेणी में आती है.

राज्य के जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर संभाग सामान्य वर्षा श्रेणी में हैं जबकि कोटा संभाग में 25.46 प्रतिशत तथा भरतपुर संभाग में सामान्य से 30.76 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. जिला स्तर पर फलोदी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा होने के कारण उसे असामान्य वर्षा श्रेणी में रखा गया है.

16 जिलों में सामान्य बारिश 

बाड़मेर, ब्यावर, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन और सलूंबर जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिसके कारण इन्हें अधिक वर्षा वाली श्रेणी में रखा गया है. राज्य के 16 जिले सामान्य वर्षा श्रेणी में हैं, जबकि राजधानी जयपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, करौली और सवाई माधोपुर सहित 19 जिले अब भी वर्षा की कमी वाली श्रेणी में हैं.

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