राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन दिवसीय जोधपुर प्रवास के बाद मंगलवार (4 अगस्त) को रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जोधपुर सहित पूरे संभाग की लगातार उपेक्षा की जा रही है.

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गहलोत ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया, उन्हें मीडिया ने गंभीरता से जनता और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात बेहद गंभीर हैं, लेकिन सरकार समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है.

सरकार को विपक्ष के क्षेत्रों के साथ नहीं करना चाहिए भेदभाव 

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री के क्षेत्र या विपक्षी नेताओं के क्षेत्रों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए. उनके अनुसार, उनकी सरकार ने कभी इस तरह की राजनीति नहीं की, लेकिन वर्तमान सरकार विपक्षी विचारधारा वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में भेदभाव कर रही है.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर विकास कार्यों तक राजनीतिक सोच हावी है. उन्होंने कहा कि कई सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय विधायक और सांसदों तक को आमंत्रित नहीं किया जाता, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है. गहलोत ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के भुगतान लंबित हैं, पेंशन समय पर नहीं मिल रही और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा. उन्होंने कहा कि सरकार को वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए.

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भ्रष्टाचार के आधार पर पूरी व्यवस्था को बंद करना उचित नहीं

स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऑक्सीजन और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की परेशानियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की कुछ घटनाओं के आधार पर पूरी व्यवस्था बंद कर देना उचित नहीं है और इससे आम मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने हाल ही में सामने आए भूमि कब्जों और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए बीजेपी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए. साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में जमीन कब्जाने और कानून व्यवस्था बिगड़ने के आरोप भी लगाए.

गहलोत ने मानगढ़ धाम को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं वहां राष्ट्रीय स्मारक और राजकीय परिसर के संबंध में घोषणा की थी, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई. उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप करें.

कांग्रेस में कोई मनभेद नहीं, आगामी चुनाव तक सभी साथ रहेंगे 

कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए गहलोत ने कहा कि प्रदेश में हत्या, डकैती और ब्लाइंड मर्डर जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है. उन्होंने हाल ही में लोहावट क्षेत्र में हुई महिला और बच्ची की हत्या का भी उल्लेख किया.

कांग्रेस संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में कोई मनभेद नहीं है और आगामी विधानसभा चुनाव तक सभी नेता एक साथ रहेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि अगले चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी. अंत में गहलोत ने कहा कि राजस्थान की जनता वर्तमान सरकार से निराश है और बदलाव का इंतजार कर रही है. 

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