प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देशभर में सरकारों ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे मामले में नीतिगत फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. आपको बता दें कि राजस्थान सरकार भी जल्द नई गाइडलाइन जारी करके वर्क फ्रॉम होम पर विचार कर रही है. संभवतः सप्ताह में दो दिन सरकारी कार्मिको को वर्क फ्रॉम होम मिल सकता है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या में कमी करते हुए, कल (15 मई) एक बैठक में शामिल होने इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे.

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राजस्थान सरकार का सरकारी खर्च को कम करने पर विचार

आपको बता दें प्रधानमंत्री की अपील के बाद राजस्थान सरकार सरकारी खर्च को कम करने पर विचार कर रही है. अब मंत्री अधिकारियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या में भी कटौती की गई है, जिससे कि ईंधन बचत की जा सके. साथ ही करीब एक दर्जन से अधिक सरकारी महकमों में अगले सप्ताह से वर्क फ्रॉम होम के साथ-साथ नो-व्हीकल डे गाइड लाइन भी जारी की जा सकती है. इससे ईंधन बचत भी होगी. वहीं भजनलाल सराकरा ने जनता से कम से कम वाहनों के इस्तेमाल करने की भी अपील की है. इससे ईंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण भी होगा.

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सीएम लग्जरी गाड़ियां छोड़कर एक इलेक्ट्रिक वाहन में दिखें

गाइडलाइन के तहत अब सरकारी विभागों में होने वाली रूटीन बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को धीरे-धीरे पूरी तरह से वर्चुअल मोड पर शिफ्ट किया जाएगा. इससे अधिकारी कर्मचारियों की यात्रा और ईंधन पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बचेंगे. इस नीतिगत बदलाव की एक प्रतीकात्मक झलक कल राजधानी जयपुर में देखने को मिली. जयपुर में आयोजित 'एनर्जी कॉन्क्लेव' में खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पारंपरिक लग्जरी गाड़ियों के काफिले को छोड़कर एक इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे.

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