राजस्थान के लिए एक बड़ी चिंता की खबर सामने आ रही है. राज्य में इस साल मानसून के कमजोर रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञान केंद्र नई दिल्ली ने सोमवार (13 अप्रैल) को बारिश को लेकर यह ताजा अपडेट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बारिश सामान्य से थोड़ी कम होने की उम्मीद है.
राजस्थान के पश्चिमी जिलों जोधपुर संभाग- जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, और उनके आसपास के क्षेत्र इलाकों में मानसून में बारिश सामान्य के करीब हो सकती है. इन जिलों में पूरे जून से सितंबर तक मानसून सीजन में औसत बारिश 283.6MM होती है.
बारिश कम होने के पीछे की वजह क्या है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार जून से सितंबर के बीच में मध्य प्रशांत महासागर में अलनीनो की स्थिति न्यूट्रल रहने और हिंद महासागर में IOD की स्थिति भी न्यूट्रल रहने की संभावना है. विशेषज्ञों ने बताया कि जब हिंद महासागर में IOD की स्थिति सकारात्मक होती है, तो वह दक्षिण-पश्चिमी मानसून के अनुकूल होती है.
इस दौरान हिंद महासागर का तापमान सामान्य से अधिक होता है और वाष्पीकरण ज्यादा होने से मानसून की अच्छी बारिश होने की संभावना होती है. इस बार IOD की सकारात्मक स्थिति सितंबर के बाद ही होने की संभावना है.
पिछले साल कितनी बारिश हुई?
पिछले साल 2025 के मानसून सीजन में राजस्थान के अंदर सामान्य के मुकाबले 481.2MM यानी 70 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई थी. पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर बचे हुए पूर्वी राजस्थान में जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर, अजमेर संभाग में सामान्य से भी कम बारिश होने की संभावना जताई गई है.
पूर्वी राजस्थान के हिस्से में मानसून सीजन में सामान्य औसत बारिश 626.6MM होती है. पिछले साल 2025 में मानसून सीजन में इस इलाके में 1010.5MM बारिश सामान्य से 61 प्रतिशत ज्यादा हुई थी.
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