राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव का इंतजार कर रहे आमजन के लिए अब यह इंतजार और भी लंबा हो सकता है. हालांकि राजस्थान हाई कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे लेकिन उस समय सीमा के भीतर चुनाव नहीं हुए. ऐसे में सरकार हाईकोर्ट पहुंच गई है प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि 15 अप्रैल तक चुनाव कराना संभव नहीं है. दिसंबर तक भी स्थिति चुनाव कराने के पक्ष में नजर नहीं आती.

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राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पक्ष रखते हुए कहा है कि अदालत के आदेश का पालन करने की हर संभव प्रयास किए गए लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के कारण समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न कराना व्यवहारिक नहीं है. आपको बता दें OBC आयोग का कार्यकाल भी पिछले दिनों 6 महीने के लिए बढ़ाया था. अब OBC आयोग सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वहीं दूसरी तरफ सरकार ने अपने प्रार्थना पत्र में स्कूलों की व्यस्तता, स्टाफ की कमी, EVM से जुड़ी समस्याएं सहित खेती के सीज़न का भी हवाला दिया.

अक्टूबर से दिसंबर में होंगे राजस्थान पंचायत चुनाव?

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अप्रैल के लिए सरकार ने कहा है कि स्कूलों में नया सत्र शुरू है और 25 अप्रैल तक प्रवेश चलेंगे. इसलिए शिक्षक चुनाव कार्य में पूरी तरह उपलब्ध नहीं रहेंगे. मई-जून में भीषण गर्मी और आपदा प्रबंधन की जरूरत बताई गई है, जबकि जुलाई-सितंबर में बारिश और कृषि कार्यों के कारण ग्रामीण मतदाता व्यस्त रहेंगे. अक्टूबर-दिसंबर के लिए सरकार ने कहा है कि कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव उस समय कराना अधिक उचित होगा.

प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि शहरी निकायों के लिए 22,891 मतदान केंद्र और ग्रामीण क्षेत्रों में 45,380 मतदान केंद्र बनने की संभावना है. शहरी मतदान केंद्रों के लिए लगभग 1,14,455 कर्मियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2,26,900 कर्मियों की जरूरत होगी. सरकार ने ईवीएम मशीनों को रीसेट करने और अन्य तैयारियों को भी बड़ा प्रशासनिक काम बताया है.