राजस्थान में चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की एसआईआर की समय सीमा बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी है. विपक्ष इसे लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस पार्टी ने समय सीमा बढ़ाए जाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है. दूसरी तरफ बीजेपी ने सभी आरोपों को गलत बताया है और साफ तौर पर कहा है कि फर्जी वोटरों के नाम को लेकर आपत्ति जताना कतई गलत नहीं है.
पार्षद समेत कई ऐसे लोगों को सामने लाया गया है, जिनके नाम पर आपत्ति जताते हुए उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किए जाने की सिफारिश की गई है. बीजेपी के कई ऐसे बीएलओ को भी पेश किया है, जिनका दावा है कि आपत्तियों वाले फार्म पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं. एफआईआर दर्ज कराने और कोर्ट जाने की भी बात कही है.
कांग्रेस विधायक ने लगाया आरोप
पिंक सिटी जयपुर की आदर्श नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रफ़ीक खान विधानसभा में चीफ व्हिप भी हैं. रफीक खान का आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की समय सीमा सिर्फ बीजेपी को फायदा पहुंचाने, उसके समर्थकों का नाम जोड़ने और विपक्षी वोटरों का नाम काटने के लिए ही बढ़ाई है.
उनका आरोप है कि अकेले उनकी विधानसभा में आठ से नौ हजार वोटरों के नाम पर आपत्ति जताकर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किए जाने की साजिश रची गई है. इनमें से ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के हैं या फिर कांग्रेस समर्थक ओबीसी और दलित है.
मकर संक्रांति के दिन भी खुले दफ्तर
विधायक रफीक खान का आरोप है कि मकर संक्रांति को छुट्टी के दिन भी निर्वाचन के काम में लगे कई दफ्तर खोले गए. उन्होंने तकरीबन दो हजार की संख्या में ऐसे ऑब्जेक्शन फॉर्म भी दिखाए, जिनमें वोटर के नाम कंप्यूटर से फीड थे और बाकी डिटेल्स हाथ से भरी गई थी.
इनमें से तकरीबन 400 से ज्यादा फॉर्म ऐसे हैं, जिनमें आपत्तिकर्ता के तौर पर उनके खिलाफ बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले दिग्गज नेता रवि नैयर के हस्ताक्षर हैं. उनका आरोप है कि कोई भी व्यक्ति अधिकतम 10 नामों पर ही आपत्ति जताकर फॉर्म 7 भर सकता है.
विधायक ने अपने पार्षद को किया पेश
विधायक रफीक खान ने मोती डूंगरी रोड इलाके के वार्ड नंबर 89 से अपनी पार्टी के पार्षद अकबरुद्दीन को भी पेश किया. अकबरुद्दीन को भले ही जनता ने 5 साल पहले अपना पार्षद चुनाव हो, लेकिन बीजेपी ने अब उनके नाम की आपत्ति का फॉर्म भी भरा है.
इसी तरह से 85 साल के मोहम्मद हनीफ दर्जन भर से ज्यादा चुनाव में वोट डाल चुके हैं. पिछले करीब तीन दशक से जयपुर में ही वोटर हैं, लेकिन उनके और परिवार के कई सदस्यों के नाम पर आपत्ति जताते हुए फार्म 7 के जरिए इन्हें बाहर किए जाने की सिफारिश की गई है.
कांग्रेस विधायक ने किया ये दावा
कांग्रेस विधायक रफीक खान ने यह भी दावा किया है कि आपत्तियो वाले तमाम फार्म पर बीजेपी के बीएलए यानी बूथ लेवल असिस्टेंट के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम लिखे गए हैं. उन्होंने नईमुद्दीन और साबिर नाम के बीजेपी के दो बीएलए को भी मीडिया के सामने पेश किया.
उन्होंने कहा कि इन बीएलए को लग रहा है कि इनके नाम और हस्ताक्षर की वजह से जब बड़ी तादाद में इलाके के लोगों के नाम कट जाएंगे तो वह इन्हें ही पकड़ने और सवाल जवाब करेंगे, लिहाजा यह खुलकर यह बता रहे हैं कि ना तो इन्होंने आपत्तियां की है और ना ही फॉर्म सेवन पर उनके हस्ताक्षर हैं. जो भी हस्ताक्षर है वह पूरी तरह फर्जी हैं. बीएलए नईमुद्दीन ने मीडिया के कैमरे के सामने अपने हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा किया है.
चुनाव आयोग को विधायक ने भेजी शिकायत
विधायक रफीक खान ने इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही निर्वाचन आयोग को भी शिकायत भेजी है. उन्होंने इसे सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा बताते हुए इस मामले में बीजेपी नेताओं के साथ ही कई दूसरे लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किए जाने की मांग की है. यह भी कहा है कि अगर पुलिस उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करेगी और साथ ही वोटरों के नाम मनमाने तरीके से काटे जाएंगे तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे.
विधायक रफीक खान के मुताबिक ऐसा सिर्फ उनकी ही विधानसभा में नहीं हो रहा है बल्कि एसआईआर की समय सीमा को सिर्फ इसीलिए बढ़ाया ही गया है ताकि कांग्रेस समर्थकों के नाम काटे जा सके और फर्जीवाड़ा किया जा सके. उनके मुताबिक ड्राफ्ट लिस्ट के बाद अब हर विधानसभा क्षेत्र से आठ से दस हजार नाम काटने की तैयारी की गई है. कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के बीच जाएगी.
बीजेपी ने विधायक के सभी आरोपों को नकारा
दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस विधायक रफीक खान के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है. विधायक रफीक खान के खिलाफ बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले वरिष्ठ नेता रवि नैयर ने उल्टा उन्हें ही आरोपों के कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा है कि रफीक खान ने आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में यूपी और राजस्थान के दूसरे हिस्सों के लोगों को वोटर बना रखा है. चुनाव में फर्जी मतदान कराया जाता है. रवि नैयर का कहना है कि उन्होंने खुद दो हजार से ज्यादा नाम पर आपत्ति की है और फार्म 7 पर हस्ताक्षर किया है.
बीजेपी ने लगाया गलत बयानबाजी का आरोप
उनका दावा है कि वह कितने भी नाम पर आपत्ति जता सकते हैं. उन्होंने सिर्फ आपत्ति जताई है. इस बारे में अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग को ही लेना है. रवि नैयर ने यह भी कहा है कि बीजेपी के मुस्लिम बीएलए को डरा धमकाकर और दबाव बनाकर उनसे गलत बयानबाजी कराई जा रही है.
उनके मुताबिक अगर कुछ भी गलत हुआ है तो वह जांच में सामने आ जाएगा. वह हर तरह की जांच का सामना करने को तैयार है. रवि नैयर ने दावे के साथ कहा कि फर्जी वोटरों के नाम कतई वोटर लिस्ट में नहीं रहने दिए जाएंगे. अब देखना यह होगा कि इस मामले में निर्वाचन आयोग क्या कदम उठाता है.