राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बदहाली और लोगों की एंट्री के साथ ही फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर रोक का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. जयपुर ग्रामीण इलाके में तबेले में चल रहे एक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम पर आज हमला कर दिया गया. इस हमले में सीजेपी के कई कार्यकर्ताओं को चोट आई है. उनकी गाड़ियों के कांच तोड़ दिए गए हैं. महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी किए जाने और उनके मोबाइल फोन तोड़ने के भी आरोप लगे हैं.
सीजेपी का आरोप है कि ग्रामीणों की आड़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं और विधायक के समर्थकों ने उन पर हमला किया है. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दोषियों के खिलाफ 48 घंटे में सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए बड़ा आंदोलन खड़ा किए जाने की चेतावनी दी है.
दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी की एक टीम आज जयपुर ग्रामीण के बगरू इलाके में निरीक्षण के लिए पहुंची थी. उनके स्कूल तक पहुंचने से पहले ही गांव वालों ने उन्हें घेर लिया और उनका विरोध करने लगे. इस दौरान ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं में टकराव व मारपीट हुई. दोनों ने एक दूसरे पर हमले के आरोप लगाए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को चोट आई है. गाड़ियों के कांच टूटे हैं, जबकि कई गांव वाले भी चोटिल हुए हैं. गांव वालों का आरोप है कि उन्होंने कोई मारपीट नहीं की है. किसी तरह का पथराव नहीं किया है. उन्होंने सिर्फ विरोध करके सीजेपी कार्यकर्ताओं को भगाने का काम किया है.
दरअसल जयपुर ग्रामीण के रामपुरा कंवरपुरा ग्राम पंचायत का प्राइमरी स्कूल पूरी तरह से जर्जर है. साल भर पहले झालावाड़ में हुए हादसे के बाद इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया था. हालांकि पढ़ाई पहले से ही दूसरी जगह कराई जा रही थी. स्कूल बिल्डिंग को बैरिकेड कर लोगों के आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है. इस स्कूल को करीब 4 किलोमीटर दूर शिफ्ट कर दिया गया था.
दूर होने की वजह से बच्चे वहां नहीं जा रहे थे, इस वजह से गांव के ही सत्यनारायण शर्मा ने अपने तबेले को स्कूल चलाने के लिए दे दिया. यहां रात को गाय और भैंस बांधी जाती हैं. जानवरों का चारा यहां स्टॉक करके रखा जाता है. यही टूटे-फूटे टीन शेड के नीचे बच्चों को पढ़ाया जाता है. दो महिला टीचर यहां नियुक्त की गई है. गांव के गरीब परिवारों के बच्चे तबेले में टीन शेड के नीचे बदबू और गंदगी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी इसी बदहाली को उजागर करने के लिए गांव में गई हुई थी, जहां उस पर हमला किया गया. सीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हमला स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के समर्थकों ने किया है. गांव वालों की भीड़ में अपने लोगों को भेज कर यह हमला कराया गया.
इन आरोपों को थोड़ा बल इसलिए मिलता है क्योंकि जर्जर स्कूल बिल्डिंग में विधायक के कई पोस्टर आज ही चस्पा किए गए हैं. इन पोस्टरों पर लिखा है कि विधायक ने स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए 12 लाख रुपए की रकम जारी किए जाने की सिफारिश की है.
दूसरी तरफ जिस तबेले में स्कूल चल रहा है, वहां सीजेपी कार्यकर्ताओं के हटते ही एक बैनर लगा दिया गया है जिस पर आशुतोष रांका से सवाल पूछे गए हैं. सवाल यह उठता है कि इतनी जल्दी मैटर किसने तैयार किया, वह प्रिंट कैसे हुआ और तबेले में चल रहे कथित स्कूल के गेट के अंदर और बाहर लगाने की इजाजत किसने दी. यह बैनर राजस्थान के गुमनाम शिक्षक की तरफ से लगाया गया है.
गांव वालों का आरोप है कि वह अपने स्कूल के मामले में राजनीति कतई नहीं होने देना चाहते. कॉकरोच जनता पार्टी के लोग यहां राजनीति करने के लिए आ रहे थे, इसलिए विरोध कर उन्हें भगाया गया. आज हंगामें के बाद जिला शिक्षा अधिकारी गिरिराज पारीक भी मौके पर पहुंचे.
हालांकि उनके पास किसी सवाल का कोई जवाब नहीं था. एबीपी न्यूज़ में जब उनसे तबेले में चल रहे स्कूल के बारे में जानकारी चाही तो वह भागते हुए गाड़ी में बैठे और चलते बने. आज की इस घटना में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.
