राजस्थान में गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर छिड़े विवाद को लेकर सियासी लड़ाई तेज हो गई है. राज्य के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत द्वारा कांग्रेस पार्टी को इस मामले में जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद अब कांग्रेस ने राजस्थान सरकार पर पलटवार किया है.
राजस्थान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और मीडिया कोऑर्डिनेटर स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि धर्म के आधार पर समाज को बांटने का काम बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन करते हैं. उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी ऐसी विचारधारा में यकीन नहीं रखती और वह समाज में सौहार्द और एकता को ही प्राथमिकता देती है.
मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही बीजेपी- स्वर्णिम चतुर्वेदी
स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि बीजेपी के लोग जरूरी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर इस तरह के विवाद पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी त्यौहार सद्भावना और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. लेकिन गरबा और डांडिया जैसे आयोजनों में धर्म के आधार पर नफरत फैलाना कतई उचित नहीं है.
राजस्थान सरकार छुपा रही अपनी नाकामियां- कांग्रेस प्रवक्ता
कांग्रेस प्रवक्ता ने राजस्थान सरकार की नाकामियों को भी उजागर किया. उनका कहना था कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था, रोजगार, विकास और आम जनता के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों में फेल है. इन्हीं नाकामियों को छुपाने के लिए गरबा और डांडिया जैसे विवादों का बहाना बनाकर कांग्रेस पर जिम्मेदारी डाल दी जा रही है. उन्होंने कहा कि जनता अब इस तरह के बहकावे में आने वाली नहीं है और सच्चाई को समझ रही है.
त्योहारों को राजनीतिक विवाद का नहीं बनाना चाहिए हिस्सा- स्वर्णिम चतुर्वेदी
स्वर्णिम चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि सियासत में धर्म का इस्तेमाल करना देश और राज्य के लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने पर विश्वास करती रही है. इसलिए किसी भी तरह के त्योहार या आयोजन को धार्मिक या राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए.
राजस्थान में गरबा और डांडिया के पंडालों को लेकर चल रहे इस विवाद ने राज्य की सियासत में नया मोड़ ला दिया है. दोनों प्रमुख दल इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं. हालांकि कांग्रेस का कहना है कि यह मुद्दा लोगों के बीच नफरत फैलाने के लिए उठाया गया है, जबकि जनता अब इससे प्रभावित नहीं हो रही है.