राजस्थान के दौसा जिले में विगत बुधवार को कालाखोह के समीप नेशनल हाईवे-21 पर हुए सड़क हादसे में धौलपुर पुलिस के कांस्टेबल संदीप शर्मा की मृत्यु हो गई. गुरुवार को धौलपुर जिला मुख्यालय पर स्थित चंबल मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ कांस्टेबल संदीप शर्मा को अंतिम विदाई दी गई.
परिजनों और पुलिस के जवानों ने तिरंगे में लिपटी अर्थी को कंधा दिया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सहित अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. जानकारी के अनुसार, संदीप शर्मा पुलिस विभाग में चालक के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में पुलिस लाइन धौलपुर में कार्यरत थे.
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
2 सितम्बर, मंगलवार को पुलिस लाइन का चालानी गार्ड कुख्यात डकैत धर्मेंद्र उर्फ लुक्का को नागौर से धौलपुर लेकर आ रहा था. पुलिस वाहन को संदीप शर्मा चला रहे थे. इसी दौरान जयपुर-आगरा हाईवे पर काला खोह, दौसा के पास पुलिस की गाड़ी और ट्रक में भीषण टक्कर हो गई.
हादसे में कांस्टेबल संदीप शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एएसआई भंवर सिंह, अन्य पुलिसकर्मी और बदमाश धर्मेंद्र उर्फ लुक्का घायल हो गए. पोस्टमार्टम के बाद संदीप शर्मा के शव को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल से धौलपुर लाया गया. दोपहर बाद अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
मातमी धुन बजाई गई और 15 राउंड फायर किए
मुक्तिधाम पर मौजूद स्थानीय लोगों ने “जब तक सूरज-चांद रहेगा, संदीप तेरा नाम रहेगा” के नारे लगाकर इस वीर सिपाही को भावभीनी विदाई दी. अंतिम संस्कार के समय पुलिस दल की ओर से मातमी धुन बजाई गई और 15 राउंड फायर किए गए.
धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि कांस्टेबल संदीप शर्मा की असामयिक मौत से पुलिस विभाग में गहरा शोक है. संदीप शर्मा राजस्थान पुलिस का एक जांबाज जवान था, जो हमेशा अपने फर्ज और कर्तव्य के प्रति समर्पित रहा. उनकी मृत्यु से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी प्रकट कीं.