प्रदेश में लंबे समय से पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव का इंतजार किया जा रहा था. अब वो इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है. क्योंकि इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी है.

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आपको बता दें मार्च-अप्रैल माह में प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव कराए जा सकते हैं. इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्यक्रम जारी कर दिया है. प्रदेश के सभी कलेक्टरों को वोटर लिस्ट अपडेट करने पोलिंग बूथ बनाने की गाइडलाइन भेज दी गई है.

जल्द शुरू हो वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्य

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से भेजी गई गाइडलाइन में आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए 15 अप्रैल से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की समय सीमा तय की है. साथ ही आयोग की ओर से सभी कलेक्टरों को निर्देश देते हुए कहा गया है कि वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्य जल्द शुरू किया जाए.

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वोटर लिस्ट फाइनल करने का शेड्यूल

29 जनवरी- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन

31 जनवरी-  ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को वार्ड और पोलिंग स्टेशन पर पढ़कर सुनाया जाएगा

7 फरवरी- दावे और आपत्तियां पेश करने की अंतिम तिथि

8-14 फरवरी- दावे और आपत्तियों का निस्तारण

25 फरवरी-फाइनल वोटर लिस्ट

एक बूथ पर होंगे अधिकतम 1100 वोटर

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के दौरान वार्डों के गठन के लिए चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करने को कहा है. चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक एक बूथ पर 1100 से ज्यादा वोटर नहीं होने चाहिए. पंचायत के एक वार्ड में औसतन 300 से 400 वोटर होते हैं, इसलिए एक बूथ पर एक से ज्यादा वार्ड के वोटर होंगे.

वोटर लिस्ट का 24 जनवरी तक किया जाएगा भौतिक सत्यापन

वार्ड के आधार पर वोटर लिस्ट बनाकर उसका भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए प्रगणक (कर्मचारी) तैनात कर दिए गए हैं. इसमें यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वोटर लिस्ट वार्ड के परिसीमन के अनुसार हो. भौतिक सत्यापन का काम 24 जनवरी तक पूरा करना होगा.

भौतिक सत्यापन के दौरान अगर यह पाया जाता है कि किसी का नाम संबंधित वार्ड की वोटर लिस्ट में नहीं है और दूसरे वार्ड में है तो ऐसी गलतियों को ठीक करने के लिए भी कहा है. भौतिक सत्यापन के दौरान वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए भी प्रेरित करने को कहा गया है. इस दौरान नए आवेदन लिए जाएंगे.

इसी के साथ 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे करने वाले वोटर्स को भी लिस्ट अपग्रेड अवधि के दौरान चिन्हित किया जाएगा. जिससे कि उन्हें वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सके.

आपको बता दें कि प्रदेश में सभी पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है ऐसे में प्रदेश की 14, हजार ग्राम पंचायतों का चुनाव एक साथ होगा. वहीं दूसरी तरफ पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव एक साथ नहीं होंगे. क्योंकि जिन पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है उनके चुनाव बाद में होंगे.

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