राजस्थान के कोटा जिले में औद्योगिक लापरवाही का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है. रामगंजमंडी क्षेत्र के अमरपुरा इंडस्ट्रीज एरिया में कोटा स्टोन फैक्ट्रियों से निकलने वाली पॉलिश स्लरी को खुले में डंप किया जा रहा है. इसी स्लरी से बना एक जानलेवा दलदल शनिवार (27 दिसंबर) को तीन मासूम बच्चों के लिए मुसीबत बन गया. खेलते-खेलते बच्चे इस दलदल में फंस गए और करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे.

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जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे अमरपुरा इंडस्ट्रीज एरिया के आसपास खेल रहे थे. इस दौरान वे एक ऐसी जगह पहुंच गए, जो ऊपर से देखने में ठोस जमीन जैसी लग रही थी. लेकिन असल में वहां नीचे गहरी स्लरी जमा थी. जैसे ही बच्चों ने वहां कदम रखा, वे तेजी से धंसने लगे. कुछ ही पलों में उनके शरीर का आधे से ज्यादा हिस्सा दलदल में समा गया.

बाहर निकलने की कोशिश में और फंसते गए

बच्चों ने खुद को बचाने के लिए हाथ-पैर मारने शुरू किए, लेकिन हर कोशिश के साथ वे और गहराई में धंसते चले गए. डर और घबराहट के बीच बच्चे मदद के लिए चीखते रहे. आसपास फैक्ट्रियों और मशीनों के शोर की वजह से काफी देर तक किसी का ध्यान उनकी आवाज पर नहीं गया.

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बाद में बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास में काम कर रहे मजदूर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत रस्सियों और लकड़ियों का इंतजाम किया गया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने एक-एक कर तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला.

प्रशासन की नहीं पहुंची मदद

चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने लंबे समय तक प्रशासन या किसी आपात सेवा की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची. बच्चों को बाहर निकालने के बाद वे बुरी तरह घबराए हुए थे और पूरे शरीर पर स्लरी व कीचड़ लगा हुआ था. ग्रामीणों की सूझबूझ और हिम्मत से बड़ा हादसा टल गया. लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती, तो बच्चों की जान जा सकती थी.