राजस्थान के कोटा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. जहां पुलिस थाना गुमानपुरा में तैनात कांस्टेबल जीतराम को 3000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ACB कोटा (इंटेलिजेंस) इकाई ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. ACB की टीम लगातार राजस्थान पुलिस के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर नजर रखे हुए है. 

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झूठे मुकदमे और झूठे कार्रवाई ना करने के बदले में मांगे 8 हजार रुपये

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि शिकायतकर्ता पूर्व में एचडीएफसी बैंक के लिए रिकवरी का कार्य करता था, जो अब बंद हो चुका है. परिवादी के अनुसार वह एक दिन विशाल मार्केट स्थित अपने दोस्त की दुकान पर बैठा था. तभी गुमानपुरा थाने का कांस्टेबल जीतराम वहां पहुंचा और झूठे मुकदमे में ना फंसाने व किसी तरह की कार्रवाई ना करने के बदले 8 हजार रुपये की मांग की.

आरोप है कि आरोपी ने 7 फरवरी 2026 को जबरन 5 हजार रुपये ले लिए और बचे हुए 3 हजार रुपये की लगातार मांग करता रहा. शिकायतकर्ता ने कांस्टेबल जीतराम चौधरी के खिलाफ परिवादी द्वारा रिश्वत लेने और लंबे समय से परेशान करने के आरोप में शिकायत दर्ज की.

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जिसके बाद 9 फरवरी 2026 को ACB की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद उप महानिरीक्षक पुलिस एसीबी कोटा आनंद शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के नेतृत्व में 10 फरवरी 2026 को ट्रैप कार्रवाई की गई.

कांस्टेबल जीतराम को 3 हजार रुपये लेते हुए मौके पर ही पकड़ा

पुलिस निरीक्षक चन्द्र कंवर के नेतृत्व वाली टीम ने शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपये लेते हुए कांस्टेबल जीतराम को मौके पर ही पकड़ लिया. आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ पहले भी इसी तरह से कई शिकायत सामने आई थी. हालांकि उन मामलों में सीधे सबूत नहीं होने की वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. एसीबी की टीम जीतराम चौधरी कांस्टेबल के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगी. ऐसा भी माना जा रहा है कि कांस्टेबल के बाकी ठिकानों पर एसीबी छापेमारी कर सकती है.