प्रदेश में बम की धमकी मिलने का सिलसिला लगातार जारी है एक के बाद एक बड़े सरकारी संस्थानों व स्कूलों को ईमेल के माध्यम से धमकी मिल रही है. बात करें साल 2025 की तो इस साल करीब 57 धमकी भरे ई मेल मिल चुके है. लगातार मिल रही धमकियों से एक इस साल एक नया रिकॉर्ड बना है. 

दूसरी ओर पिछले एक महीने में हाईकोर्ट को चौथी बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. वहीं विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह को पिछले 7 दिनों में दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है. ऐसे में आमजन में इस तरह की घटनाओं से दशहत का माहौल बना हुआ है.

सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी

प्रदेश में लगातार बढ़ रही बम से मिलने वाली धमकियों के चलते सरकारी कामकाज के साथ-साथ हाई कोर्ट की सुनवाई भी टल जाती है. ऐसे में आखिर ये सब कौन कर रहा है? इसके पीछे की वजह जानने के लिए जांच एजेंसियां जुटी हुई है. 

अब तक नहीं मिला कोई सबूत

इस मामले में अब तक कोई मजबूत सबूत नहीं मिल पाए हैं, लेकिन धमकियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में कोटा कलेक्ट्रेट परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इससे पहले राजधानी जयपुर के SMS स्टेडियम और कई निजी स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है.

हाईकोर्ट को 40 दिनों में चौथी बार मिली धमकी

हाईकोर्ट को 40 दिनों में चार बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. इसको लेकर वकील समुदाय ने भी नाराजगी जाहिर की है. इन धमकियों से लोगों में डर का माहौल है. अजमेर दरगाह को पिछले 7 दिनों में दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. 

हालांकि सूचना के बाद पुलिस प्रशासन और बम स्क्वाड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन किसी भी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की साइबर सेल को मजबूत करना चाहिए. जिससे की टेक्निकल साक्ष्य जुटाकर वाले इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके.