राजस्थान में एक बार फिर बम धमाके की धमकी ने अफरा-तफरी मचा दी. आज (5 दिसंबर) हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसके बाद पूरे परिसर को तुरंत खाली कराया गया. ईमेल देखते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और कोर्ट का सामान्य कामकाज रोक दिया गया.

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जानकारी के मुताबिक, सुबह कोर्ट का कामकाज शुरू होते ही रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों ने धमकी भरा ईमेल देखा. इसमें साफ लिखा था कि हाईकोर्ट परिसर में बम लगाया गया है जिसे किसी भी समय विस्फोट किया जा सकता है. संदेश पढ़ते ही प्रशासन ने तत्काल वकीलों, वादकारियों और कर्मचारियों को कैंपस से बाहर निकालने का आदेश दिया. सभी को तेजी से बाहर सड़क तक भेजा गया, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि न हो.

महज अफवाह निकली बम की धमकी 

सर्च ऑपरेशन के बाद पता चला कि बम की धमकी महज एक अफवाह थी. दो घंटे की सघन तलाशी के बाद हाई कोर्ट में वकीलों-अधिकारियों और कर्मचारियों की एंट्री फिर से शुरू की गई. हाई कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई भी फिर से शुरू कर दी गई है. बम निरोधक दस्ते को तलाशी में कोई भी डिवाइस या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.

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बम की धमकी अफवाह साबित होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली है. दो घंटे तक हाईकोर्ट में अफरा तफरी मची रही. एडिशनल डीसीपी साउथ ललित कुमार शर्मा के मुताबिक, धमकी देने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है. जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी. पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चला कर क्लीयरेंस दे दिया गया है.

बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर

ईमेल मिलते ही पुलिस की कई टीमें हाईकोर्ट पहुंच गईं. बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर को अलग-अलग जोन में बांटकर सर्च अभियान शुरू किया है. हर कक्ष, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम और सार्वजनिक क्षेत्र की गहन तलाशी ली जा रही है. सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई.

कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल

कैंपस खाली होने के कारण चल रही और निर्धारित सभी सुनवाई तत्काल रोक दी गईं. वकीलों और आम लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई लोग दस्तावेज और केस फाइलें भीतर ही छोड़कर बाहर निकलने को मजबूर हुए. सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को शांत रहने और बाहर सुरक्षित स्थान पर खड़े रहने की अपील की.

7 महीने में कई बार मिली धमकियां, हर बार निकली फर्जी

राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है. पिछले सात महीनों में लगातार ईमेल के जरिए बम धमाकों की धमकियां भेजी जा रही हैं. हर बार पुलिस ने गंभीरता से जांच की, लेकिन अब तक सभी धमकियां अफवाह साबित हुई हैं. रविवार को भी अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल मिला था, जो बाद में फर्जी पाया गया.

पुलिस मामले की जांच में जुटी

फिर भी बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साइबर सेल ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुट गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पैटर्न को देखकर लगता है कि कोई व्यक्ति लगातार अफवाह फैलाने और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है. जल्द ही आरोपी को पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है. राजस्थान में बार-बार मिल रही बम धमकी की ईमेल ने प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है, वहीं लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

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