राजस्थान के जोधपुर में सूरज इन दिनों मानो आग बरसा रहा है. बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव (लू) को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि दोपहर में बेवजह बाहर निकलना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. शहर में तापमान लगातार चढ़ रहा है और आने वाले दिनों में लू का असर और तेज होने की आशंका है. प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और यदि जरूरी हो तो पूरी तैयारी के साथ निकलें.

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जिले में तापमान में लगातार वृद्धि तथा आगामी दिनों में लू/हीटवेव की संभावना को देखते हुए प्रभारी अधिकारी, आपदा प्रबंधन एवं सहायता, जिला रसद अधिकारी (प्रथम) तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर (प्रथम) ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही विशेषकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलें तथा बाहर जाते समय पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन कर पानी साथ रखें.

हीटवेव से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां

अधिकारियों ने बताया कि नागरिक पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं तथा ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे घरेलू पेयों का सेवन करें. हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढकें. आंखों की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे तथा त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें. किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0291-2511085 पर संपर्क किया जा सकता है.

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नियोक्ता व श्रमिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश

कार्यस्थलों पर ठंडे पेयजल, छाया एवं प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों को सीधी धूप से बचाने, श्रमसाध्य कार्यों को सुबह या शाम के समय कराने तथा विश्राम की अवधि बढ़ाने पर जोर दिया गया है. नए श्रमिकों को हल्के कार्य और कम समय के लिए लगाया जाए.

अन्य महत्वपूर्ण सावधानियां

बंद वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें. ठंडे पानी से स्नान करें, पंखों और गीले कपड़ों का उपयोग करें तथा सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें. पेड़ लगाकर, जल स्रोतों का संरक्षण कर एवं वर्षा जल संचयन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें. अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.

नए निर्माण कार्यों में रखें विशेष ध्यान

नया घर बनाते समय कैविटी तकनीक, चौड़ी दीवारें, जालीदार संरचना एवं प्राकृतिक सामग्री (चूना/मिट्टी) का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे घर का तापमान नियंत्रित रह सके. निर्माण से पूर्व विशेषज्ञ से सलाह लेना भी आवश्यक बताया गया है.

पशुधन के लिए भी रखें विशेष ध्यान

पशुओं को छाया में रखें और उन्हें स्वच्छ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं. सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उनसे कार्य न लें. शेड को ठंडा रखने के लिए पुआल या चूने का उपयोग करें तथा समय-समय पर पानी का छिड़काव करें. पशुओं को संतुलित आहार एवं खनिज मिश्रण उपलब्ध कराएं.

लोग क्या न करें

अधिकारियों ने सलाह दी कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलें और भारी कार्यों से बचें. नंगे पैर बाहर न जाएं तथा शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय से दूरी बनाए रखें. अधिक प्रोटीन युक्त भोजन एवं बासी भोजन से बचें.

लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार

यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, सिर पर गीले कपड़े रखें तथा ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं. गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाना सुनिश्चित करें.

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