Hanuman Singh Khangta News: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के शूरवीरों और राजा महाराजाओं के शौर्य के इतिहास पर सवाल खड़े करते हुए एक आपत्तिजनक बयान दिया था. इसके बाद वो राजपूत समाज और 36 कॉम के निशाने पर आ गए हैं. मारवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगठा ने हनुमान बेनीवाल के बयान को लेकर आपत्ति जताई है.
हनुमान सिंह खांगठा ने कहा कि इस तरह के ओछे बयान की पूरी राजस्थान की जनता विरोध करेगी और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने कहा, ''हनुमान बेनीवाल लाशों का सौदागर और ब्लैकमेलर है. पर्दे के पीछे जाकर सेटलमेंट करता है.''
शूरवीरों की धरती राजस्थान का गौरवमय इतिहास- खांगठा
मारवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगठा ने कहा, ''सांसद हनुमान बेनीवाल को जनता ने नकार दिया है. अब वह समाज और जातियों का विघटन कैसे हो, इस तरह की कार्रवाई में जुट गए हैं. राजस्थान का इतिहास गौरवमय और गरिमामय रहा है. यहां पर कई शूरवीर राजा महाराजा हुए हैं, जिन्होंने अपनी धरती मां की आन बान शान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. कई विदेशी आक्रांताओं और मुगल राजाओं को यहां से भगाने का काम भी किया है. ऐसे राजा महाराजाओं और इतिहास के शूरवीरों को लेकर इस तरह के गंदे शब्दों का इस्तेमाल करना कि वह सौदागर थे, सही नहीं है''.
हनुमान बेनीवाल लाशों का सौदागर- खांगठा
हनुमान सिंह खांगठा ने आगे कहा, ''सौदागर सेटलमेंट करने वाला तो हनुमान बेनीवाल है. वो लाशों का सौदागर है. यह लोगों को ब्लैकमेल करता है. जहां कहीं किसी की मौत होती है या कोई घटना होती है वहां पर सेटलमेंट यह खुद करता है. मजबूर लोगों से पैसों लेकर सेटलमेंट करता है. बेनीवाल पर्दे के आगे कुछ है और पर्दे के पीछे कुछ है. यह पर्दे के पीछे जाकर अपने फायदे के लिए सेटलमेंट करता है.''
'जातियों को लड़ाने के लिए ओछी राजनीति करते हैं बेनीवाल'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''हनुमान बेनीवाल किसी भी राजनीतिक दल या नेता के पास पर्दे के पीछे जाकर उनके पैर पकड़कर सेटलमेंट कर लेता है. उसके बाद अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकता है. परदे के आगे आकर अनर्गल बयान देता है. ऐसे व्यक्ति पर राजस्थान की जनता ने कभी भरोसा नहीं किया और अब आगे भी नहीं करेगी. यह सिर्फ जातिवाद का जहर घोलने के लिए और जातियों को लड़ाने के लिए ओछी राजनीति करता है.''
'बेनीवाल अपना अस्तित्व बचाने के लिए अनर्गल बयान दे रहा'
खांगठा ने तंज कसते हुए आगे कहा, ''बेनीवाल को अब लगा कि उनका ना तो समाज साथ दे रहा है और ना ही जनता. उनकी जड़ें कमजोर हो रही हैं तो बेनीवाल अपना अस्तित्व बचाने के लिए इस तरह की ओछी राजनीति शुरू की है. आम जनता को भ्रम में डालकर ध्यान भटकने की कोशिश कर रहा है. इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इस धरती पर रहकर इस मातृभूमि पर रहकर ऐसे बयान दे रहा है. शूरवीरों ने इस मातृभूमि और संस्कृति को अपने खून से सींचा है.''
खांगठा का हनुमान बेनीवाल पर तंज
उन्होंने ये भी कहा, ''अगर वह शूरवीर उस समय नहीं होते तो हो सकता है यह खुद भी आज हरी टोपी पहने हुए कहीं और खड़े दिखते. पाकिस्तान या काबुल में कहीं होते. इन लोगों को पता नहीं है कि कितना खून बहाया गया है शूरवीरों का जब यह राजस्थान की संस्कृति बची है. किस प्रकार से देश में हिंदुत्व बचा है. ऐसे लोगों की मानसिकता और बयानबाजी से आम जनता को बहुत तकलीफ पहुंचती है. बेनीवाल ने यह सिर्फ राजपूत समाज के लिए नहीं राजस्थान की 36 कॉम के शूरवीरों के बारे में बोला है.