Rajasthan News: महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के कुलपति प्रो. रमेश चंद्रा को राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विभिन्न अनियमितताओं और अवैधानिक कार्यों के आरोपों की पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. राजभवन के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. उनके स्थान पर राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर के कुलपति प्रो. त्रिभुवन शर्मा को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

प्रवक्ता के अनुसार, राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को आदेश जारी कर महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर के कुलपति प्रो. रमेश चंद्रा को राज्य सरकार के परामर्श से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है. राज्यपाल ने प्रो. चंद्रा के खिलाफ संभागीय आयुक्त भरतपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित किया है, संभागीय आयुक्त द्वारा प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए गए.

प्रो. रमेश चंद्रा पर लगे ये आरोपप्रो. रमेश चंद्रा पर महाविद्यालय की संबद्धता निरस्तीकरण अधिसूचना को अवैधानिक रूप से रद्द करवाने और श्री एस.एन. कॉलेज, हलैना के खिलाफ कार्यवाही रोकने संबंधी आरोप शामिल हैं. प्रो. रमेश चंद्रा को 8 मार्च 2023 को कुलपति नियुक्त किया गया था. उन्हें तीन वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहने की अनुमति थी. 

राजस्थान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2012 की धारा 11(3) के तहत नए कुलपति की नियुक्ति में समय लग सकता है. इसलिए प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए प्रो. त्रिभुवन शर्मा को अंतरिम रूप से कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एक अन्य बयान के अनुसार, हरिभाऊ बागडे ने एक कार्यक्रम में 'हेल्थकेयर पायनियर्स ऑफ राजस्थान' कॉफी बुक का लोकार्पण किया. 

उन्होंने इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से महती कार्य करने वालों का अभिनंदन किया और कहा कि चिकित्सक मानवता की सेवा के लिए सेवा भाव रखते हुए कार्य करें. उन्होंने राज्य को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बनाने का भी आह्वान किया.