राजस्थान के अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के शिकार कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ. शमशान घाट में गुर्जर समाज सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे गांव में शोक का माहौल छाया रहा.

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अंतिम संस्कार से पहले जगन गुर्जर का शव गांव लाया गया. सुरक्षा कारणों से उसके छोटे भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से पुलिस कस्टडी में लाया गया. बड़े भाई पान सिंह और लाल सिंह को भी पुलिस सुरक्षा में शामिल कराया गया. पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया और भारी पुलिस बल तैनात रहा.

पप्पू गुर्जर ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मीडिया से बातचीत में पप्पू गुर्जर ने अपने भाई की मौत को हत्या करार देते हुए जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि जगन को पहले नशे की गोलियां दी गईं और फिर गला दबाकर हत्या की गई. पप्पू ने इसे सुनियोजित साजिश बताया और जेल स्टाफ की मिलीभगत का आरोप लगाया.

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पुरानी रंजिश का जिक्र

पप्पू गुर्जर ने कहा कि जगन और विष्णु के बीच 2011 से पुरानी रंजिश चली आ रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सिर्फ विष्णु को आरोपी बनाकर बाकी लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. घटना के समय जेल के सभी सीसीटीवी कैमरे बंद होने का भी उन्होंने जिक्र किया.

धौलपुर पुलिस का बयान

धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि अंतिम संस्कार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति नियंत्रण में रही.

जेल में हुई थी हत्या

गौरतलब है कि अजमेर जेल में बंद जगन गुर्जर की उसी बैरक में बंद कैदी विष्णु द्वारा हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. धौलपुर में आज का पूरा कार्यक्रम सुरक्षा के कड़े घेरे में संपन्न हुआ. जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार के साथ ही एक लंबे समय से चर्चित अपराधी का सफर समाप्त हो गया.