राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा दिल्ली से जोधपुर पहुंचे. एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सहित कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मीडिया से बातचीत के दौरान रंधावा ने राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला, वहीं केंद्र की मोदी सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए.

रंधावा ने कहा कि “मोदी सरकार वोट चोरी से ही बनी है. हमें लगता है कि राजस्थान में भी मूड चोरी से ही सरकार बनी है. पहले वोटर तय करते थे कि किसकी सरकार बनेगी, लेकिन अब पार्टी तय करती है कि कौन वोट डालेगा.”

महाराष्ट्र में एक करोड़ फर्जी वोट पाए गए- रंधावा

उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लगभग एक करोड़ फर्जी वोटर पाए गए, वहीं बिहार व अन्य राज्यों में भी वोट काटे गए. रंधावा ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र के लिए लड़ रही है जबकि भाजपा चाहती है कि वोट उसी को दिया जाए जिसे वह तय करे. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि “पहली बार ऐसा चुनाव आयोग है जो एफिडेविट मांगता है, मरे हुए लोगों के वोट जोड़ता है और जिंदा लोगों के नाम काट देता है.

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई हुई तो पूरा देश एकजुट था, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस संदेश नहीं दिया गया. पुलवामा में जिस तरह से आतंकियों ने हमला किया था और जिस तरह से गोलियां मारी थी उनकी फोटो सामने आई थी उसी तरह से हमने जब उन आतंकवादियों को मारा उसे समय भी उनकी फोटो सामने आनी चाहिए थी.

पुलवामा जैसे आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब बेकसूरों की जान जाती है तो सरकार को तुरंत जवाब देना चाहिए ताकि दुनिया को यह संदेश जाए कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाता है.

उपराष्ट्रपति चुनाव पर क्या कहा?

इसके बाद उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर रंधावा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने जस्टिस को उम्मीदवार बनाया है. “जज वह होता है जिसे भगवान के बाद न्याय के लिए सबसे ऊपर माना जाता है. उन्होंने सरकार के खिलाफ कई बार आवाज उठाई, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनकी आलोचना नहीं की.”

पार्टी छोड़ने और आने वालों को साफ संदेश

रंधावा ने बिहार में राहुल गांधी की वोट चोरी यात्रा का समर्थन करते हुए कहा कि यह आंदोलन सिर्फ बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की लड़ाई नहीं है बल्कि सबसे पहले वोट चोरी रोकने की लड़ाई है. “जब तक वोट चोरी रुक नहीं जाएगी, तब तक कोई भी सुधार संभव नहीं है. आज हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया में वोट चोरी को लेकर चर्चा हो रही है.”

कांग्रेस छोड़कर जाने वाले नेताओं पर रंधावा ने कहा कि पार्टी का सिद्धांत “आया राम, गया राम” नहीं है. जो नेता कांग्रेस छोड़कर गए हैं उन्हें छह साल बाद ही टिकट पर विचार किया जाएगा और तभी जब उनका काम संतोषजनक होगा.