केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा चल रहे मानहानि मामले पर दिए गए हालिया बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पलटवार किया है. गहलोत ने कहा कि शेखावत जो भी कह रहे हैं, उसका कोई औचित्य नहीं है और इसलिए उस पर प्रतिक्रिया देने का कोई मतलब नहीं बनता.
अशोक गहलोत ने एएनआई से बातचीत में कहा, "मैं उनकी मां का सम्मान करता हूं. उन्होंने मेरे खिलाफ मानहानि का केस कर रखा है जबकि सच्चाई यह है कि एसओजी की जांच में सबके नाम दर्ज थे और यह रिकार्ड पर भी है. मैंने तो सिर्फ जनता को बताया कि गरीबों को न्याय मिलना चाहिए. मैंने उन लोगों के खिलाफ आवाज उठाई जो संजीवनी घोटाले में शामिल थे."
सरकार बदलते ही केस का रुख बदला
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि जैसे ही सरकार बदली, मामले का रुख भी पूरी तरह बदल गया. उन्होंने कहा कि नई सरकार ने महज दो महीने के भीतर ही हाईकोर्ट में एक नई रिपोर्ट पेश कर दी. इस रिपोर्ट में कहा गया कि कोई अपराध हुआ ही नहीं. गहलोत ने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद ही अदालत को यह रिपोर्ट सौंप देती है, तो जज किस आधार पर कार्रवाई कर सकते हैं.
मामला अभी भी अदालत में लंबित
गहलोत ने स्पष्ट किया कि मामला अभी भी अदालत में लंबित है और उच्च न्यायालय ने भी यह कहा है कि यदि सरकार चाहे तो अनुमति लेकर मामले को आगे बढ़ा सकती है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें क्लीन चिट मिल गई है, जबकि सच्चाई इससे अलग है.
गरीबों को न्याय दिलाना ही मकसद- गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मकसद केवल इतना था कि जिन गरीब लोगों के पैसे घोटाले में डूब गए, उन्हें न्याय मिले. उन्होंने दावा किया कि संजीवनी घोटाले में कई बड़े नाम शामिल रहे, लेकिन राजनीतिक बदलाव के साथ ही जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश शुरू हो गई.
गहलोत ने यह भी दोहराया कि वह अपने बयान पर कायम हैं और जो कुछ भी उन्होंने कहा, वह तथ्यों के आधार पर था. उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि यदि कोई अपराध नहीं हुआ, तो फिर इतने लोगों के पैसे कैसे डूबे और हजारों परिवार परेशानी में क्यों आए.
सरकार और एजेंसियों पर सवाल
इस बयान के जरिए गहलोत ने न केवल शेखावत पर निशाना साधा, बल्कि वर्तमान सरकार की नीयत और जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. संजीवनी घोटाला लंबे समय से राजस्थान की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है और इस पर अदालत में सुनवाई जारी है.