राजधानी जयपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में आ गए हैं. राजस्थान में जिस तरह से एक विदेशी महिला के साथ छेड़खानी की घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, उसको देखते हुए अब मुख्यमंत्री ने तुरंत सख्ती दिखाते हुए हालात की कमान खुद संभाल ली है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को गृह विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ करीब पौने पांच घंटे तक मैराथन बैठक की.
इस बैठक में प्रदेशभर के एसपी, आईजी और एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हुए, जबकि कई जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराध पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को सख्ती से लागू किया जाए. उनका जोर इस बात पर रहा कि अपराधियों में डर और आम जनता में विश्वास कायम होना चाहिए.
अधिकारियों को दिए जनसुनवाई के आदेश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर जिले में एसपी नियमित जनसुनवाई करें और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करें. साथ ही आईजी स्तर के अधिकारियों को भी जनसुनवाई करने को कहा गया है. वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर मौके पर जाकर अपराध की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए. बैठक में यह भी तय किया गया कि हर महीने अलग-अलग श्रेणियों के अपराधों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इससे यह स्पष्ट होगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ रहा है और कहां कमी आई है. इसी आधार पर आगे की रणनीति बनाकर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम, नारकोटिक्स और बॉर्डर एरिया से जुड़े मामलों पर भी विशेष फोकस करने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को टारगेट तय कर दिए हैं और साफ कर दिया है कि हर काम की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग होगी. मुख्यमंत्री भजनलाल ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने कहा कि राजस्थान में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत काम किया जाएगा और किसी भी अपराध को स्वीकार नहीं किया जाएगा.
