BJP Leader Suicide News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सूदखोरी की बढ़ती समस्या ने एक और जान ले ली. दावा है कि बीजेपी नेता आसींद निवासी लादू लाल साहू ने ब्याजखोरों की ब्लैकमेलिंग और शोषण से तंग आकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने समूचे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. आसींद थाना क्षेत्र के मारवो का खेड़ा निवासी लादू लाल साहू, जो आसींद की पूर्व प्रधान लक्ष्मी साहू के ससुर थे ने 24 मई 2025 को अपने गांव के बालाजी मंदिर में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया. 

सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

लादू लाल साहू को गंभीर अवस्था में पहले आसींद CHC और फिर भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां 27 मई को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतक लादू लाल द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में यह बताया गया कि उन्होंने व्यापारिक जरूरतों के लिए कई स्थानीय सूदखोरों से पैसे उधार लिए थे.

उन्होंने मूलधन से 5 से 10 गुना अधिक राशि चुका दी थी, बावजूद इसके आरोपी चेक और स्टांप के माध्यम से ब्लैकमेलिंग कर रहे थे. मृतक ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर भी अपनी पीड़ा साझा की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला.

इन लोगों पर मामला दर्ज हुआ

लादू लाल साहू के पुत्र कन्हैया लाल साहू द्वारा आसींद थाने में दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 9 नामजद आरोपियों सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इनमें कई उद्योगपति, सरपंच प्रतिनिधि और सेवानिवृत्त शिक्षक तक शामिल हैं.

चांदमल मेवाड़ा, संदीप मेवाड़ा, नरोत्तम मेवाड़ा (आसींद निवासी)देवीलाल मेवाड़ा, ताराचंद मेवाड़ा (लाछूड़ा निवासी)धापू देवी, पंकज खटीक, दिनेश खटीक (दौलतगढ़ निवासी)हरिशंकर शर्मा, अनीता शर्मा (बनेड़ा निवासी)सत्यनारायण जोशी, राधेश्याम माण्मया (ब्राह्मणों की सरेरी)लादूनाथ (सकता का खेड़ा), लादू नाथ (चक्की वाला दौलतगढ़)विष्णु सिंह (करेड़ा मालास), चैन सिंह (दौलतपुरा, देवगढ़)

आरोपों में क्या है?

50 लाख की उधारी पर 3 करोड़ से अधिक राशि वसूलने का आरोप. खाली चेक और स्टांप के ज़रिए धमकी और मानसिक उत्पीड़न मकान, जेवर और जमीन हड़पने की कोशिश. परिवार के सामने बेइज्जती और धमकियां.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर ट्वीट कर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा, "राजस्थान मनी लेंडर्स अधिनियम, 1963 लागू होने के बावजूद सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है. सूदखोरों की ब्लैकमेलिंग आम जनता को आत्महत्या तक मजबूर कर रही है. पुलिस को इस पर विशेष अभियान चलाना चाहिए ताकि आम लोगों का जीवन बचाया जा सके.

पुलिस जांच जारी

आसींद थाना SHO हंसपाल सिंह के अनुसार, मृतक के बेटे की रिपोर्ट पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है. सभी आरोपियों को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा.राज्य में यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते समय में भी कई आम लोग और प्रतिष्ठित व्यक्ति सूदखोरी के कारण जान दे चुके हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि जब कानून मौजूद है तो उसे सख्ती से लागू क्यों नहीं किया जाता?इस घटना ने राज्य में फैले ब्याजखोरी के नेटवर्क और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है. अब देखना यह है कि क्या इस आत्महत्या के बाद प्रशासन जागता है या फिर कोई और लादू लाल साहू इस शोषण का शिकार बनेगा.