राजस्थान विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार को हंगामे और अनूठे विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुआ. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के 84 मिनट लंबे अभिभाषण के दौरान सदन में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिली. जहां एक ओर कांग्रेस ने 'शंकराचार्य के अपमान' को लेकर नारेबाजी की, वहीं एक निर्दलीय महिला विधायक अपनी अनोखी 'स्लोगन वाली साड़ी' को लेकर चर्चा का केंद्र बनी रहीं.
राज्यपाल जब अभिभाषण पढ़ रहे थे और उन्होंने गुरु पूर्णिमा पर राज्य सरकार द्वारा संतों के सम्मान का जिक्र किया, तभी कांग्रेस विधायक अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए. विपक्ष ने व्यंग्य करते हुए "शंकराचार्य का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान" के नारे लगाए. कांग्रेस सदस्यों का इशारा ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े हालिया विवादों की ओर था. नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही में कुछ समय के लिए व्यवधान भी उत्पन्न हुआ.
विधायक रितु बरनावत की 'सीबीआई साड़ी'
सत्र के पहले दिन सबसे ज्यादा ध्यान निर्दलीय विधायक रितु बरनावत ने अपनी ओर खींचा. वे एक ऐसी प्लेन साड़ी पहनकर सदन पहुँची थीं, जिस पर जगह-जगह "भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच कराओ" जैसे स्लोगन प्रिंट थे.
विधायक ने सदन के भीतर और बाहर मीडिया गैलरी के सामने कई बार अपनी साड़ी का पल्लू लहराकर विरोध जताया. भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और वे सच सामने लाने के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं. सदन के भीतर उनका यह अनूठा प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा.
84 मिनट का अभिभाषण और टोका-टाकी
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, लेकिन विपक्ष ने कई बार टोका-टाकी कर भाषण में बाधा डाली. पेपर लीक, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों को लेकर भी सदन में शोर-शराबा हुआ. राज्यपाल ने तमाम व्यवधानों के बीच अपना अभिभाषण पूरा किया, लेकिन पहले दिन की कार्यवाही से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है.