राजस्थान में आज से प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा का पाँचवा सत्र शुरू होने जा रहा है. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी. अभिभाषण के बाद जन प्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, और इसी के साथ सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया जाएगा. बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया था जिसमें सदन की गरिमा बनाए रखने अशोभनीय भाषा का प्रयोग न करने को लेकर पक्ष विपक्ष के सामने विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी बात रखी. 29 जनवरी से अभिभाषण पर बहस होगी. राज्यपाल के अभिभाषण पर तीन दिन चर्चा होगी. उसके बाद सदन में एक सप्ताह का अवकाश रह सकता है. वहीं प्रदेश का बजट वित् मंत्री दिया कुमारी 11 फरवरी को रख सकती है.

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कई मुद्दों पर होगा टकराव

इस बार 16 से अधिक मुद्दों को लेकर टकराव होने से सत्र भारी हंगामी रहने के आसार हैं. सत्र को लेकर दोनों दलों ने पार्टी विधायक दल की बैठकें बुलाई है. इसमें सत्र में पार्टी की रणनीति तय की जा रही है. इस बार बजट सत्र करीब 3 सप्ताह चलने की संभावना है. इसमें डिस्टर्ल्ड एरिया एक्ट, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर विधेयक पेश हो सकते हैं.

टीकाराम जुली ने उठाए सवाल

सर्वदलीय बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस बैठक के नतीजे तब अच्छे होंगे जब विपक्ष के उठाए मुद्दों और सवालों के जवाब सत्ता पक्ष दे. चाहे कैसे भी दे, लेकिन जवाब देंगे तो मैसेज अच्छा जाएगा लोग विधानसभा की कार्रवाई देखते हैं. नही तो वही घोड़े वही मैदान, पिछले सत्र में विवाद का कारण बने कैमरे का मुद्दा भी बैठक के दौरान उठाया गया.

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यह सत्र काफ़ी हंगामेदार रह सकता है. सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोक जैसा माहौल बन सकता है. अपनी तैयारियों को लेकर आज विपक्ष की ओर से भी विधायक दल की बैठक रखी गई है, जिसमें विधानसभा की रणनीति को लेकर चर्चा होगी वहीं इस सत्र में PCC चीफ़ गोविंद सिंह डोटासरा भी आक्रामक अंदाज़ में नज़र आएंगे. विधानसभा में हुए कैमरे विवाद के बाद वे सत्र में शामिल नहीं हुए थे.