राजस्थान विधानसभा के मौजूदा सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की गैर मौजूदगी को लेकर सियासत गरमा गई है. सरकार ने उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह सदन में आकर बहस करने से बच रहे हैं. जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसदीय कार्य और कानून मंत्री जोगाराम पटेल, कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत, कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम मौजूद रहे. सभी मंत्रियों ने एक सुर में अशोक गहलोत पर निशाना साधा.

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मंत्रियों ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी 2 साल बनाम 5 साल की बहस से बच रही है, तो यह जनता के सामने साफ हो जाना चाहिए. उनका कहना था कि बहस से भागने के बजाय विपक्ष को सदन में मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए.

सदन में आकर करें बहस

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अशोक गहलोत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार बयान देते रहते हैं, लेकिन विधानसभा में आकर चर्चा करने से बचते हैं. मंत्रियों ने कहा कि जो बातें वह ट्विटर पर लिखते हैं, वही बातें सदन में आकर रखें और खुली बहस करें. मंत्रियों का दावा है कि मौजूदा सत्र में गहलोत एक भी दिन सदन में उपस्थित नहीं रहे हैं.

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सचिन पायलट पर भी निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट का भी जिक्र हुआ. मंत्रियों ने कहा कि पायलट ने भी विधानसभा को बहुत कम समय दिया है. सरकार का कहना है कि जब महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है, तब विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का सदन में मौजूद रहना जरूरी है.

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने अशोक गहलोत को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके पास अपने 5 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां हैं, तो वह सदन में आकर जनता के सामने रखें.

मंत्रियों का आरोप है कि बताने को कुछ खास नहीं होने की वजह से ही वह सदन से दूरी बना रहे हैं. अब नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गहलोत सदन में आकर इन आरोपों का जवाब देते हैं या सियासी बयानबाजी इसी तरह जारी रहती है.