राजस्थान विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन 21 अगस्त, शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता टीकाराम जूली ने विधानसभा के गेट बंद करने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को उन दिनों की याद दिलाई जब वह विपक्ष में थी.

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जूली ने कहा कि जब बीजेपी, विपक्ष में थी, तब भी उसी गेट से वह प्रदर्शन करते हुए विधानसभा आए थे, जिसे कल बंद कर दिया गया था.  टीकाराम जूली ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि मेरा बहुत जरूरी सवाल है. आज तक के इतिहास में जब से विधानसभा बनी है सब उसी गेट से आए थे. कभी आजतक नहीं रोका गया लेकिन कल हमें रोका गया, हमें इसका दुःख है. रोकने के बाद सदन में अनर्गल बातें की गईं कि हम आना नहीं चाहते थे. शिक्षा, चिकित्सा, कानून व्यवस्था, संविदाकर्मियों की जो स्थिति है, हम उस पर बात करना चाहते हैं लेकिन हमें बाहर रोका जा रहा है.

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जूली के आरोपों पर क्या बोली पुलिस?

इसके जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि कल केवल विधायक नहीं बल्कि अन्य बाहरी लोग भी विधानसभा में घुसने की कोशिश कर रहे थे.

इस दौरान जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी विधायक तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे ते और प्रदर्शन कर रहे थे. स्पीकर वासुदेव देवनानी लगातार यह कहते रहे कि सदन चलने दें. प्रश्नकाल चलने दें.

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इन अपीलों को दरकिनार करते हुए पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से नारेबाजी होती रही. इसके बाद स्पीकर देवनानी ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. 11 बजे शुरू हुई सदन की कार्यवाही 11. 5 बजे स्थगित कर दी गई.