Birju Maharaj Passed Away: पारंपरिक भारतीय नृत्य शैली कथक को विश्व पटल पर ले जाने वाले प्रख्यात कथक नर्तक (Kathak Dancer) बिरजू महाराज (Birju Maharaj) का निधन हो गया है. पद्म विभूषण बिरजू महाराज ने रविवार और सोमवार के बीच रात को अंतिम सांस ली. पंडित बिरजू महाराज के निधन की जानकारी उनके पोते स्वारांश मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने पंडित बिरजू महाराज के निधन पर शोक जताया है. 

सीएम गहलोत ने जताया दुख सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि, 'महान कथक नर्तक, पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज जी के निधन पर गहरा दुख पहुंचा है. ये एक युग का अंत और अपूरणीय क्षति है. ईश्वर उनके परिवार, प्रशंसकों और छात्रों को शक्ति प्रदान करें. भगवान उसकी आत्मा को शांति दे.'

लखनऊ में हुआ था जन्ममशहूर कथक नर्तक बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था. लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज का असली नाम पंडित बृजमोहन मिश्रा था. वो कथक डांसर के साथ-साथ शास्त्रीय गायक भी थे. बिरजू महाराज के पहले उनके पिता और गुरू अच्छन महाराज, चाचा शंभु महाराज और लच्छू महाराज भी कथक के प्रसिद्ध नर्तक थे.

1983 में मिला पद्म विभूषण सम्मानकथक नर्तक बिरजू महाराज को साल 1983 में भारत सरकार की तरफ से पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया. पद्म सम्मान के अलावा बिरजू महाराज को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है. बिरजू महाराज को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और खैरागढ़ यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी दी गई थी. इसके अलावा साल 2012 में फिल्म विश्वरूपम में डांस कोरियोग्रोफी के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया. साल 2016 में बाजीराव मस्तानी के मोहे रंग दे लाल गाने की कोरियोग्राफी के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिया जा चुका है. बिरजू महाराज ने माधुरी दीक्षित, दीपिका पादुकोण जैसे कई फिल्मी हस्तियों को कोरियोग्राफ किया था.

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