नीट पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. राजस्थान के रहने वाले बिवाल परिवार पर नया खुलासा हुआ है. आरोपी मांगीलाल के बेटे अमन बिवाल ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ दी थी और प्रॉपर्टी के कारोबार में लग गया था, इसके बावजूद उसे भी परिवार ने नीट परीक्षा में बैठाया. एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क के जरिए उसे परीक्षा दिलाई गई. 

Continues below advertisement

पढ़ाई में बेहद कमजोर था विकास बिवाल!

जांच में ये भी सामने आया है कि विकास बिवाल सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है. कॉलेज प्रशासन के मुताबिक विकास पढ़ाई में बेहद कमजोर था. उसकी हाज़िरी भी काफी कम रही है. जनवरी से अप्रैल तक वह मुश्किल से दस दिन कॉलेज आया है. इतना ही नहीं, प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में उसे केवल 30 प्रतिशत अंक मिले थे. 

मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर सवाल

कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार विकास की पढ़ाई को देखते हुए उसके मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर पहले से सवाल उठ रहे थे. अब जांच के दौरान उसने स्वीकार किया है कि NEET 2025 का पेपर परीक्षा से पहले उसे मिला था. इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं.

Continues below advertisement

आरोपी दिनेश बिवाल को लेकर भी हुआ खुलासा

उधर, जांचकर्ताओं के मुताबिक आरोपी दिनेश बिवाल ने अपने बेटे ऋषि बिवाल के लिए लीक हुए प्रश्नपत्र को प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर लगभग 10 लाख रुपए दिए थे. हालांकि, प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध होने के बावजूद, ऋषि कथित तौर पर परीक्षा में केवल 107 अंकों के प्रश्नों का उत्तर ही दे पाए. ऋषि बिवाल की शैक्षणिक मार्कशीट ऑनलाइन सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि उन्होंने ग्रेस मार्क्स की मदद से परीक्षा पास की थी. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि राजस्थान का कोचिंग हब सीकर, इस कथित पेपर लीक रैकेट के संचालन का मेन सेंटर था.

Rajasthan News: सीकर में डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, NEET छात्र ने दी जान, परिवार ने पढ़ाई में लगाए थे लाखों