मानसून सत्र से पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बेनीवाल ने सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी को वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया और दावा किया कि उनकी सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है. 

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उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है. बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नागौर में जिम्मेदार पुलिस अधिकारी जानबूझकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर लगा रहे हैं. 

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हनुमान बेनीवाल ने लगाए साजिश के आरोप

हनुमान बेनीवाल का कहना है कि यह केवल सुरक्षा में लापरवाही नहीं, बल्कि किसी संभावित घटना की स्थिति में उन्हें बदनाम करने की सुनियोजित साजिश है. अपने पत्र में सांसद ने तीन पुलिसकर्मियों का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि कॉन्स्टेबल सुनील बिश्नोई की तबीयत सुरक्षा ड्यूटी के दौरान बिगड़ गई, जिन्हें उन्होंने खुद जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचाया. 

वहीं कांस्टेबल सर्ववीर जाखड़ को भी स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और बाद में जोधपुर रेफर किया गया. इसके अलावा एक अन्य कॉन्स्टेबल सीताराम भी अस्वस्थ बताए गए हैं. बेनीवाल ने यह भी दावा किया कि पहले राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट सहित सुरक्षा दी गई थी, लेकिन बाद में बिना कोई कारण बताए सुरक्षा हटा दी गई. 

सांसद ने उठाया सवाल

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उन्हें पहले खतरा था तो आज तक यह नहीं बताया गया कि खतरा किससे था, और जब सुरक्षा हटाई गई तो यह भी नहीं बताया गया कि आखिर क्यों हटाई गई. क्या अब उनकी जान को कोई खतरा नहीं है? सांसद ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पहले भी पुलिस महानिदेशक और एडीजी इंटेलिजेंस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. 

अब उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि बीमार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाना उनके स्वास्थ्य के साथ भी अन्याय है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी कमजोर करता है.

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