मिस इंडिया यूनिवर्स इंडिया मणिका विश्वकर्मा ने दिल्ली में NEET मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का खुलकर समर्थन किया है. जयपुर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन उनकी न्याय की मांग है और उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. 

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मणिका ने कहा कि NEET परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद चौंकाने वाला था, जिससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष जरूर रखा, लेकिन यह प्रतिक्रिया काफी देर से आई. उनके मुताबिक सरकार को शुरुआत में ही युवाओं के सामने आकर स्पष्ट संवाद करना चाहिए था.

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पारदर्शिता कायम रखने की अपील 

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और समय पर कार्रवाई ही छात्रों का विश्वास कायम रख सकती है. मणिका विश्वकर्मा ने कहा, "मुझे लगता है कि हर किसी को एक मंच मिलना चाहिए. सरकार और जनता दोनों की लोकतांत्रिक चर्चाएं सार्थक होनी चाहिए."

उन्होंने आगे कहा, "हम अपने नेताओं को इसलिए चुनते हैं, ताकि वे आगे आएं, मुद्दों पर चर्चा करें और हमारी बात सुनने के बाद हमारी शिकायतों का समाधान करें." मणिका विश्वकर्मा जयपुर में मिस इंडिया यूनिवर्स साल 2026 के गाला राउंड में शामिल प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए आई हुई थी.

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर रखी अपनी बात

यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आयोजन के बारे में जानकारी दी और साथ ही दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन के बारे में भी अपनी बात रखी. इस मौके पर आयोजन समिति के चेयरमैन अखिल आनंद में बताया कि इस साल के गाला राउंड में देशभर की 52 प्रतिभागी शामिल हुई हैं.

बता दें कि पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक के मामले पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. बीती 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के बाद छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किया गया, जिसके बाद देशभर में इसकी आग फैल गई.

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